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Jammu News: रामबन-मुंबई चरस तस्करी मामले में दो पर आरोप तय
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-करीब तीन किलो चरस बरामदगी से जुड़ा है मामला, अंतरराज्ययीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का शक
जम्मू। स्पेशल एनडीपीएस अदालत ने अरुण कुमार और अशोक कुमार वर्मा के खिलाफ अंतर-राज्यीय चरस तस्करी मामले में आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्ट्या सबूतों से रामबन से मुंबई तक प्रतिबंधित पदार्थ (चरस) ले जाने की साजिश रचे जाने के संकेत मिलते हैं।
जम्मू में स्पेशल जज (एनडीपीएस मामले) परवेज इकबाल ने दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धाराओं 8, 20, 27ए और 29 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। उन पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), जम्मू की ओर से मामला दर्ज है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बीते साल 16 नवंबर को एनसीबी ने अरुण कुमार से एनएच-44 पर पंजग्रेन, नगरोटा में एक बस में पकड़ा। दावा है कि तलाशी में उससे करीब 2.979 किलोग्राम चरस मिली। आरोप है कि अरुण, अशोक कुमार वर्मा के कहने पर प्रतिबंधित पदार्थ लेने रामबन गया था। उसे जम्मू में अशोक को ही यह सामान सौंपना था। बाद में अशोक को जम्मू स्टेशन के पास एक पार्क से पकड़ा गया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ऑपरेशन अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। इसमें मुंबई का एक व्यक्ति शामिल था। उसकी पहचान आदेश में खालिद सैयद के तौर पर की गई। आरोप है कि यह चरस अवैध बिक्री के लिए मुंबई ले जाई जानी थी।
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एडवांस में मिले 45 हजार, सीडीआर और व्हाट्सएप से खुलासा
कोर्ट ने अभियोजन के इस दावे पर गौर किया कि अरुण को इस यात्रा के लिए 15 हजार देने की पेशकश की गई थी, जबकि अशोक को डिलीवरी के लिए 55 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। 45 हजार उसे एडवांस में मिल चुके थे। एनसीबी ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप डेटा के आधार परआरोपियों के बीच नियमित बातचीत का भी हवाला दिया। अदालत ने कहा, सबूतों से है अशोक मुंबई स्थित हैंडलर के लिए एक कैरियर (वाहक) का इंतजाम करता था ताकि प्रतिबंधित सामान की डिलीवरी ली जा सके। सुनवाई के दौरान आरोपी वीसी के जरिये पेश हुए। जेएनएफ
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जम्मू। स्पेशल एनडीपीएस अदालत ने अरुण कुमार और अशोक कुमार वर्मा के खिलाफ अंतर-राज्यीय चरस तस्करी मामले में आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्ट्या सबूतों से रामबन से मुंबई तक प्रतिबंधित पदार्थ (चरस) ले जाने की साजिश रचे जाने के संकेत मिलते हैं।
जम्मू में स्पेशल जज (एनडीपीएस मामले) परवेज इकबाल ने दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धाराओं 8, 20, 27ए और 29 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। उन पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), जम्मू की ओर से मामला दर्ज है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार बीते साल 16 नवंबर को एनसीबी ने अरुण कुमार से एनएच-44 पर पंजग्रेन, नगरोटा में एक बस में पकड़ा। दावा है कि तलाशी में उससे करीब 2.979 किलोग्राम चरस मिली। आरोप है कि अरुण, अशोक कुमार वर्मा के कहने पर प्रतिबंधित पदार्थ लेने रामबन गया था। उसे जम्मू में अशोक को ही यह सामान सौंपना था। बाद में अशोक को जम्मू स्टेशन के पास एक पार्क से पकड़ा गया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ऑपरेशन अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। इसमें मुंबई का एक व्यक्ति शामिल था। उसकी पहचान आदेश में खालिद सैयद के तौर पर की गई। आरोप है कि यह चरस अवैध बिक्री के लिए मुंबई ले जाई जानी थी।
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एडवांस में मिले 45 हजार, सीडीआर और व्हाट्सएप से खुलासा
कोर्ट ने अभियोजन के इस दावे पर गौर किया कि अरुण को इस यात्रा के लिए 15 हजार देने की पेशकश की गई थी, जबकि अशोक को डिलीवरी के लिए 55 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। 45 हजार उसे एडवांस में मिल चुके थे। एनसीबी ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप डेटा के आधार परआरोपियों के बीच नियमित बातचीत का भी हवाला दिया। अदालत ने कहा, सबूतों से है अशोक मुंबई स्थित हैंडलर के लिए एक कैरियर (वाहक) का इंतजाम करता था ताकि प्रतिबंधित सामान की डिलीवरी ली जा सके। सुनवाई के दौरान आरोपी वीसी के जरिये पेश हुए। जेएनएफ