फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आतंक के सीने पर एसआईजी का वार, इस्राइली मिसाइल के बाद अब दुश्मन का काल बनेगी ये अमेरिकी राइफल

Thu, 12 Dec 2019 12:20 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 12 Dec 2019 12:20 PM IST
विज्ञापन
Indian Army will now use SIG-716 rifles manufactured in US, Sig Sauer 716 assault rifles
सिग सउप 716 - फोटो : सोशल मीडिया

नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान को करारा जवाब देने और आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए सेना अब अमेरिका में निर्मित एसआईजी-716 राइफलों का इस्तेमाल करेगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 10 हजार राइफलों की पहली खेप उत्तरी कमान को मिल गई है। साथ ही स्नाइपर राइफलों के लिए 21 लाख गोलियों का भी ऑर्डर दिया गया है।  


 

Indian Army will now use SIG-716 rifles manufactured in US, Sig Sauer 716 assault rifles
सिग सउप 716 - फोटो : सोशल मीडिया

सेना की आधुनिकीकरण प्रक्रिया के तहत मिलीं इन राइफलों का प्रयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों में किया जाएगा। भारत ने अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को अधिक सक्षम बनाने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत 700 करोड़ की लागत से 72400 राइफलों का ऑर्डर दिया है।
 

Indian Army will now use SIG-716 rifles manufactured in US, Sig Sauer 716 assault rifles
सिग सउप 716 - फोटो : सोशल मीडिया

पाकिस्तान और चीन से बढ़ते खतरों को देखते हुए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया अपनाई गई है। इनमें 66 हजार राइफलें सेना के लिए हैं, जबकि दो हजार राइफल नौसेना और चार हजार राइफल वायु सेना को दी जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Indian Army will now use SIG-716 rifles manufactured in US, Sig Sauer 716 assault rifles
सिग सउर 716 - फोटो : Social Media

अमेरिका की हथियार निर्माता कंपनी सिग सउर एसआईजी 716 7.62×51 मिमी राइफलों की आपूर्ति कर रही है। नई राइफलें भारत में निर्मित 5.56×45 मिमी इंसास राइफल की जगह लेंगी। एक साल के भीतर इन्हें सेना को सौंप दिया जाएगा।  

विज्ञापन
Indian Army will now use SIG-716 rifles manufactured in US, Sig Sauer 716 assault rifles
सिग सउर 716 - फोटो : Social Media

सूत्रों ने बताया कि इस राइफल के मिलने पर सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी। यह राइफल नजदीक (क्लोज कॉम्बेट) और दूर से मार करने वाली राइफलों की श्रेणी की सबसे उन्नत तकनीक से लैस है। इंसास राइफलों के मामले में सेना पहले ही शिकायत दर्ज करा चुकी है। इसकी फायरिंग क्षमता और मैगजीन टूटने की समस्या आम है। सिग सउर के अलावा सात लाख से अधिक एके 203 असॉल्ट राइफल भी सेना में शामिल करने की तैयारी में है। एके 203 भारत और रूस के संयुक्त उद्यम के तहत देश में ही बनाई जा रही हैं।

यह भी पढ़ेंः  श्रीनगरः भारी बर्फबारी से लोग बेहाल, पांच दिन में एयरलाइंस को 50 करोड़ का नुकसान, ऑरेंज अलर्ट जारी

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed