26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों को निशाना बनाया था। इसके बाद भी पाकिस्तान व उसकी देखरेख में पल रहे आतंकवाद ने कोई सबक नहीं लिया। आज यानी रविवार को भी पाकिस्तानी सेना ने फिर नापाक हरकत करते हुए गोलीबारी की जिसमें दो जवान शहीद हो गए हैं। जबकि एक नागरिक की मौत हो गई है, और तीन घायल हैं। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के अंदर स्थित आतंकवादी शिविरों पर हमले शुरू किए हैं। वहीं भारतीय सेना की कार्रवाई में कई पांच पाकिस्तानी सैनिक व पांच आतंकी मारे गए हैं।
आतंक पर प्रचंड प्रहार, बालाकोट के बाद पीओके में भारतीय सेना ने पाक को फिर याद दिलाये वो 90 सेकेंड
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित नीलम घाटी इलाके में भारतीय सेना ने आतंकियों के चार लॉन्चिंग पैड को निशाना बनाया और नष्ट कर दिया। बताया जा रहा कि भारतीय सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान के चार से पांच सैनिक मारे गए हैं और कई घायल भी हुए हैं।
Sources: Four terror launch pads in Neelam valley (Pakistan Occupied Kashmir) have been targeted/destroyed, fatalities reported. Indian Army has launched attacks on terrorist camps situated inside Pakistan occupied Kashmir (PoK) opposite the Tangdhar sector. pic.twitter.com/phQucUX9Zz— ANI (@ANI) October 20, 2019
26 फरवरी 2019 बालाकोट एयर स्ट्राइक
26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों को निशाना बनाया था। इस मिशन का हिस्सा रहे भारतीय वायुसेना के दो पायलटों ने एक अंग्रेजी अखबार के साथ बातचीत में बताया कि इस ऑपरेशन को 90 सेकेंड में अंजाम दिया गया था। मिशन की गोपनीयता इस स्तर की थी कि ऑपरेशन में शामिल पायलटों के परिजन भी इससे अनभिज्ञ थे। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना ने 48 वर्षों में पहली बार पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश के ठिकानों को तबाह कर दिया था। यह कार्रवाई पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद की गई थी। 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले को जैश के आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।
भारतीय एयर स्ट्राइक में वायुसेना के मिराज 2000 विमानों का उपयोग किया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अभियान का हिस्सा रहे एक पायलट ने बताया कि 90 सेकेंड के भीतर उन्होंने अपने लक्ष्य पर निशाना साधा और मिसाइल दागकर वहां से वापस आ गए। उनके इस ऑपरेशन के बारे में वायुसेना के भी चुनिंदा लोगों को ही जानकारी थी। उन्होंने बताया कि अगले दिन जब उनकी पत्नी ने इस हमले की खबर टेलीविजन पर देखी तो उनसे पूछा, "क्या तुम भी इस मिशन का हिस्सा थे? इस पर पायलट ने चुप्पी साधी और वापस सो गए।
मिशन का हिस्सा रहे दूसरे पायलट ने कहा, 'हमने बहुत सारे कॉम्बैट एयर पेट्रोल के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) से उड़ान भरी। एलओसी पर बहुत सारे कॉम्बैट एयर पेट्रोल को उड़ाने का मकसद पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा को चकमा देना था।' स्ट्राइक से दो दिन पहले पायलटों को कुछ होने का आभास हुआ था। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि कुछ होने वाला है लेकिन किसी को भी इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। सामरिक उड़ान की संख्या बढ़ गई थी। हम में से कई लोग अलग-अलग विमान उड़ा रहे थे।'