पाक फायरिंग से सहमे हुए हैं सीमावर्ती इलाकों के लोग, तस्वीरें
पाकिस्तान की ओर से आरएस पुरा सेक्टर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की छह पोस्टों ट्यूबवेल नंबर पांच, सग्राल, अब्दुल्लियां, कोराटाना, कोराटाना फार्वर्ड और सुचेतगढ़ पोस्टों पर बुधवार देर रात 1 बजकर 10 मिनट पर गोलाबारी शुरू हुई, जो वीरवार सुबह सात बजे तक जारी रही। बीएसएफ के जवानों ने इसका मुंहतोड़ जबाव दिया। पाकिस्तान की ओर हुई फायरिंग में चार लोग घायल हुए हैं, जो सुबह अपने खेतों में काम करने गए थे।
पाक फायरिंग से सहमे हुए हैं सीमावर्ती इलाकों के लोग, तस्वीरें
मोर्टार का शेल फटने से गांव बरसालपुर के बलविन्द्र उर्फ बिट्टू (42) पुत्र चुन्नीलाल के दोनों हाथों की अंगुलियों तथा टांगों में गंभीर चोट आई है। इसी तरह गांव रंगपुर मोलनिया के रूपलाल (50)पुत्र अमरनाथ को भी गंभीर चोट आई है। उन्हें उपचार के लिए आरएस पुरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उनको जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। इसी तरह गांव रायपुर में बाहरी राज्यों से आए मजदूर संदीप कुमार और विरेन्द्र कुमार पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में मामूली चोटें आई हैं। आरएस पुरा उपजिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
पाक फायरिंग से सहमे हुए हैं सीमावर्ती इलाकों के लोग, तस्वीरें
खेतों में धंसे गोले, निकालने नहीं पहुंचा कोई
सीमांत गांव के लोगों का पुलिस और बीएसएफ के प्रति रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि गोलाबारी होने के बाद कई गोले खेतों के बीच धंसे हुए हैं, जो कभी भी फट सकते हैं। गांव रायपुर सजदा के रहने वाले अजीत सिंह, विक्रम सिंह और परवीन ने बताया कि खेतों में गोले धंसे हुए हैं। इसके बारे में आरएस पुरा पुलिस स्टेशन में फोन कर सूचना दी गई तो जवाब दिया गया कि गोले चलते रहते हैं, इसमें क्या नई बात है।
पाक फायरिंग से सहमे हुए हैं सीमावर्ती इलाकों के लोग, तस्वीरें
घरों की दीवारें छलनी
पाकिस्तान ने एक बार फिर से बीएसएफ की पोस्टों के साथ ही रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया। पाक की ओर से दागे गए मोर्टार शेल के गोले से जहां चार लोग जख्मी हुए हैं, वहीं ग्रामीणों के घरों की दीवारें छर्रों से छलनी हो गई हैं। गांव रंगपुर सजदा गांव में लोगों के घरों की दीवारों पर मोर्टार शेल के छर्रे लगे हैं।
पाक फायरिंग से सहमे हुए हैं सीमावर्ती इलाकों के लोग, तस्वीरें
इसी गांव के रमेश कुमार के घर के पीछे एक मोर्टार का शेल गिरा, लेकिन उसमें विस्फोट नहीं हुआ। यदि शेल फट जाता, तो जान-माल का भी नुकसान हो सकता था। रमेश ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से एक साथ कई भारतीय पोस्टों पर फायरिंग की गई थी। ऐसे में पता ही नहीं चल रहा था कि गोले किधर से आ रहे हैं।