मणिपुर हमला: भारत मां के बेटों के शव देख रो पड़ी भीड़
मणिपुर में वीरवार को आतंकी हमले में शहीद हुए जम्मू के छह जवानों का सैनिक सम्मान के साथ रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। एयरफोर्स के विशेष विमान से छह शहीदों के शव जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इनमें नायब सूबेदार राम सिंह (सवांखा मोड़, विजयपुर), हवलदार सतपाल भसीन (मुट्ठी, जम्मू), हवलदार रणदीप सिंह (बोमल, अखनूर), लांस नायक कुलदीप राज (बर्न, जम्मू) सिपाही विजय कुमार (सेरह, अखनूर) और हवलदार सुनील कुमार (सुंदरबनी) शामिल हैं। इसके अलावा पठनकोट के शहीद सिपाही मंजीत सिंह का शव भी यहां पहुंचा।
मणिपुर हमला: भारत मां के बेटों के शव देख रो पड़ी भीड़
उसे सड़क मार्ग से पठानकोट रवाना किया गया। सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता के अनुसार सभी शहीदों के शव देर रात जम्मू पहुंचे और सुबह सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव रवाना किए गए। इससे पहले स्टेशन हेडक्वार्टर जम्मू में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल दुष्यंत सिंह, एयरफोर्स स्टेशन जम्मू के एयर आफिसर कमांडिंग आशुतोष लाल और एडमिनिस्ट्रेटिव कमांडेंट कर्नल ए माथुर और अन्य उच्च सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मणिपुर हमला: भारत मां के बेटों के शव देख रो पड़ी भीड़
हवलदार सतपाल के अंतिम संस्कार में उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, कुलदीप राज के संस्कार में सांसद जुगल किशोर और सुनील कुमार के संस्कार में विधायक रविंद्र रैना और ब्रिगेडियर विवेक शर्मा (डिप्टी जीओसी) उपस्थित रहे। जीओसी मेजर जनरल कुलप्रीत सिंह शहीद हवलदार रणदीप सिंह के संस्कार में शामिल हुए।
मणिपुर हमला: भारत मां के बेटों के शव देख रो पड़ी भीड़
सैन्य सम्मान के साथ शहीद सुनील की अंत्येष्टि
सुंदरबनी। मणिपुर में वीरवार को उग्रवादियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग के विस्फ ोट में शहीद हुए सुनील कुमार शर्मा का सुंदरबनी के फल गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैनिक सम्मान के साथ रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे के करीब जैसे ही तिरंगे में लिपटा हुआ शहीद के शव को लेकर सेना की कालीधार ब्रिगेड के अधिकारी गंाव में पहुंचे तो पूरे गंाव में चीख-पुकार के साथ लोगों को शहीद सुनील कुमार शर्र्मा अमर रहें के नारे लगाने लगे। शव को जैसे ही वाहन से उतारकर घर के अंदर ले जाया गया तो शहीद के पिता रमेश चंद्र, माता विमला देवी, पत्नी रितु देवी तथा दादी धानो देवी ताबूत के साथ चिपक कर बेहोश होकर गिर गईं, जिन्हें रिश्तेदारों को संभालने में मशकक्त करनी पड़ी, लेकिन शव के क्षत-विक्षत होने के कारण ताबूत को न खोलने के चलते शहीद सुनील के अंतिम दर्शन भी नहीं हो सके । लिहाजा उन्हें ताबूत के ऊपर रखे सुनील कुमार के फोटो के दर्शन करने पड़े। करीब एक घंटे तक शव को घर में रखने के बाद घर से कुछ दूर स्थित श्मशान घाट पर ले जाया गया जहां सेना की 4-5 जीआर की टुकड़ी ने शहीद को हवाई फायर करके सलामी दी। शहीद के शव का अंतिम संस्कार उसके बड़े बेटे सुमित कुमार ने किया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, राजनीतिक दलों तथा प्रशासनिक अधिकारी भी अंतिम विदाई देने पहुंचे।
मणिपुर हमला: भारत मां के बेटों के शव देख रो पड़ी भीड़
शहीद कुलदीप का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
दोमाना। मणिपुर की मोलतुक घाटी में 4 जून को आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला कर 18 जवानाें को शहीद कर दिया था। इनमें जम्मू-कश्मीर राज्य के छह जवान भी शहीद हुए थे। ब्लाक भलवाल की पंचायत बरन के लांस नायक कुलदीप राज और मुट्ठी के हवलदार सतपाल भसीन शहीद हुए हैं। रविवार को दोनों के शवों का सैन्य समान के साथ अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद कुलदीप को सिंबलवाला श्मशानघाट पर उनके बड़े भाई के बेटे राजकुमार ने मुखाग्नि दी। सुबह आठ बजे शहीद कुलदीप राज का शव जैसे ही उनके घर बरन में पहुंचा तो सभी ओर लोगों का तांता लगा हुआ था। सारा गांव शहीद के घर पहुंच परिवार के दुख में शरीक हो गया। शहीद की मां शांति देवी बेटे के शव को देख बिल्कुल टूट चुकी थी। हालांकि उसे अन्य महिलाएं ढांढस बंधाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह रह-रह कर शहीद कुलदीप से उसे भी साथ ले जाने की मांग कर रही थी। पत्नी गायत्री देवी का तो मानो सब कुछ लुट गया। वह बदहवास कभी कुलदीप के शव और कभी अढ़ाई वर्षीय बेटी शगुन को देखती। शगुन ने तो अभी पापा कहना और पहचानना ही सीखा था। बहनों का भी रो-रो कर बुरा हाल था। श्रद्धांजलि देने वालों में सांसद जुगल किशोर शर्मा, वन और पर्यावरण मंत्री बाली भगत, 19 ब्रिगेड के ब्रिगेडियर प्रबीर पारिख, डीआईजी जम्मू अशकूर वानी, एसडीएम नार्थ डा. पियूष सिंगला के अलावा विभिन्न सामाजिक और सियासी पार्टियों से जुडे़ लोग शामिल थे।