हवा में लहराते तिरंगों के साथ देशभक्ति के लगते जयघोष। चारों ओर उड़ता गुलाल। उत्साह और जोश। सड़कों पर युवाओं का शोरगुल। सीटियों की गूंज। बुधवार को शहर की होली का कुछ ऐसा ही नजारा था।
क्या बच्चे क्या बड़े हर कोई प्यार का प्रतीक और खुशबू के इस पर्व में शामिल हुआ। सूर्य की पहली किरण के साथ शुरू हुआ रंगों के साथ मस्ती करने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। रंगों के शौकीनों का मौसम ने भी पूरा साथ दिया।
गली मोहल्लों में होली का शोरगुल तड़के ही शुरू हो गया था। युवाओं की टोलियों सीटियों की गूंज के साथ आगे बढ़त रही और रास्ते में जो मिला उसे रंग दिया गया। छतों से पानी की बौछारें गिरती रहीं।
कई चौराहों पर डीजे की धुनों पर रंगों के साथ जमकर होली का जश्न मनाया गया। रंग बरसे बिगे चुनर वाली..अंग से अंग मिलाना.. जैसे होली के गीतों पर युवा झूमते रहे। बच्चों में होली को लेकर ज्यादा उत्साह रहा।
होली मनाने के लिए बच्चों ने ढेर सारी तैयारी करके रखी थी। दोस्तों, रिश्तेदारों और अपनों को रंग लगाने के साथ मुंह मीठा करवाकर होली की बधाई दी गई।