राज्यपाल मलिक बोले- जो लोग जेल जाते हैं वह नेता बनते हैं, कहा- मैं तो 30 बार गया
राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद मुख्यधारा के सियासतदानों को हिरासत में रखने को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को यह कहते हुए न्यायोचित ठहराने की कोशिश की कि जितना ज्यादा वक्त वे जेल में रहेंगे उन्हें उतना ही राजनीतिक फायदा मिलेगा।
इस महीने की पांच तारीख को केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म किए जाने के बाद पहली बार पत्रकार वार्ता कर रहे मलिक से तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों और अन्य सियातसतदानों को हिरासत में लेने तथा उन्हें रिहा करने के बारे में पूछा गया था। सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद किया हुआ है।
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राज्यपाल ने कहा, क्या आप नहीं चाहते हैं लोग नेता बनें। मैं 30 बार जेल गया हूं। जो लोग जेल जाते हैं, वे नेता बनते हैं। उन्हें वहां रहने दें। जितना ज्यादा वक्त वे जेल में बिताएंगे, चुनाव प्रचार के समय उतना ही वे दावे कर पाएंगे। मैंने छह महीने जेल में गुजारे हैं।
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अगर आपको उनसे हमदर्दी है तो उन्हें हिरासत में लेने से दुखी नहीं हों
सेब का न्यूतम समर्थन मूल्य तय करने की तैयारी
मलिक ने कहा कि प्रदेश के सात लाख सेब उत्पादकों की समस्याओं से हम वाकिफ हैं। सरकार विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से बात कर रही है कि राज्य में सेब की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जा सके। ‘नाफेड’ ने लगभग 5000 करोड़ रुपये से आधी फसल खरीदने की इच्छा जताई है। यह बागवानों के हित में होगा।
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