सूर्य पुत्री तवी नदी के नजदीक जाना खतरा बनता जा रहा है। लोग तवी नदी के बीच पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी जान तक जा रही है। तवी नदी तक पहुंचने की अव्यवस्था का ही नतीजा है कि एक महीने में दो लोगों की मौत नदी में डूबने से हो गई। लोगों को मालूम ही नहीं कि तवी में किस जगह जाना है और कहां तक जाना है। इन दिनों पहाड़ों पर बारिश भी हो रही है। इस वजह से एकदम से पानी तेज बहाव के साथ आ जाता है। पुलिस की ओर से बार-बार अपील करने के बावजूद लोग तवी में पहुंच जाते हैं।
सूर्य पुत्री तवी के नजदीक जाना बन रहा मौत का बहाना, यहीं वायुसेना ने लहराया था वीरता का परचम
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तवी नदी आस्था का भी केंद्र है। इसलिए लोग इसमें स्नान भी करते हैं, लेकिन स्नान के लिए कोई तय जगह नहीं है। इस वजह से जिसका भी जहां मन चाहता है, वो वहीं पर स्नान करने के लिए चला जाता है। एक महीन पहले भी एक व्यक्ति तवी नदी में पत्नी की क्रिया करने के लिए तवी नदी में उतरा और डूबने से उसकी मौत हो गई। पानी में जबरदस्त बहाव के चलते शव तक बरामद नहीं हुआ।
अब ताजा मामला एक सब इंस्पेक्टर के बेटे की मौत का है। 11 वीं कक्षा में पढ़ने वाला इंस्पेक्टर का बेटा नहाते वक्त नदी में डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। अभी कुछ दिन पहले ही तवी में एकदम पानी बढ़ने से चार मछुआरे फंस गए। इनको वायुसेना की मदद से बाहर निकाला गया था।
लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि तवी में न जाएं। पहाड़ों पर बारिश होने से कभी भी इसका जलस्तर बढ़ सकता है। जो तवी में जाने वाले किसी भी शख्स को अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन इसके बावजूद लोग तवी में चले जाते हैं। अब हर जगह पुलिस तैनात नहीं की जा सकती। फिर भी तवी के किनारे पुलिस कर्मियों को गश्त करने के लिए लगाया गया है। राम सिंह, एसडीपीओ, साउथ
तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से चार युवक नदी की तेज धारा में फंस गए। देखते ही देखते सड़क और पुल पर जाम लग गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चारों को बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वायुसेना को इसकी सूचना दी गई। जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन तकरीबन एक घंटे तक चला। महिलाएं, बच्चे, युवा व बुजुर्ग सड़क व भगवती नगर पुल पर खड़े रहे। इस ऑपरेशन के सफल होने पर घटनास्थल पर मौजूद करीब दो हजार लोगों ने सेना के जवानों के शौर्य को सलाम किया।