गलवां घाटी में झड़प के एक साल पूरे होने पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने श्रद्धांजलि दी। 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जमीन की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दे दी थी और चीन की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था। मेजर जनरल आकाश कौशिक, सीओएस फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने इस अवसर पर लेह में युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया। कहा कि देश इन वीर सैनिकों का सदा आभारी रहेगा, जिन्होंने सबसे कठिन ऊंचाई वाले इलाके में लड़ाई लड़ी और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
बता दें कि बीते साल लद्दाख दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गलवां झड़प में पराक्रम दिखाने वाले जांबाज सैनिकाें को बुलाकर उनकी पीठ थपथपाई थी। सेना की 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने जैसे ही रक्षा मंत्री को उन जांबाजों से मिलाया तो राजनाथ सिंह ने कहा ‘शाबाश, मेरी ओर से आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।’
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राजनाथ सिंह के दौरे से संबंधित तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
रक्षा मंत्री के साथ उस समय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, सेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे, उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी और अन्य वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।
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- फोटो : सोशल मीडिया
जून माह में पांच सैनिकों को सेना अध्यक्ष ने कमेंडेशन कार्ड्स देकर सम्मानित किया था। गौरतलब है कि 15 जून को गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए थे।
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- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि भारत अब कमजोर राष्ट्र नहीं रह गया है। दुनिया की कोई भी ताकत इसकी एक इंच जमीन को छू नहीं सकती। यदि भारत के स्वाभिमान पर किसी ने चोट पहुंचाने की कोशिश की तो उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की जमीन पर हमने कब्जा किया है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुंबकम का संदेश सारे विश्व को दिया है।