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लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

Wed, 27 May 2015 10:07 AM IST
Updated Wed, 27 May 2015 10:07 AM IST

लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

feature story about kheer bhawani mata temple in kashmir tulmul

रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर मां राज्ञा माता (क्षीर भवानी या राग्याना देवी) ने रावण को दर्शन दिए। जिसके बाद रावण ने उनकी स्‍थापना श्रीलंका की कुलदेवी के रूप में की। (सभी फोटो- सोशल मीडिया)


लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

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लेकिन कुछ समय बाद रावण के व्यवहार और बुरे कर्म के चलते देवी उससे रूष्ठ हो गईं और श्रीलंका से जाने की इच्छा व्यक्त की।

लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

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मान्यता है कि जब राम ने रावण का वध कर दिया तो राम ने हनुमान को यह काम दिया कि वह देवी के लिए उनका पसंदीदा स्‍थान चुनें और उनकी स्‍थापना करें। इस पर देवी ने कश्मीर के तुलमुल को चुना।

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लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

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माना जाता है कि वनवास के दौरान राम राग्याना माता की आराधना करते थे तो मां राज्ञा माता को रागिनी कुंड में स्थिपित किया गया।

लंका से कश्मीर कैसे पहुंची रावण की कुलदेवी

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मान्यता है कि क्षीर भवानी माता किसी भी अनहोनी का संकेत पहले ही दे देती हैं और उनके कुंड यानि चश्मे के पानी का रंग बदल जाता है। इतना ही नहीं क्षीर भवानी के रंग परिवर्तन का जिक्र आइने अकबरी में भी है।

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