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Uri infiltration: सर्विलांस उपकरणों से ट्रैक कर मार गिराए आतंकी, चीन निर्मित राइफल एम 16 का मिलना खतरनाक इरादा

Fri, 26 Aug 2022 08:27 PM IST
विमल शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 26 Aug 2022 08:27 PM IST
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Terrorists tracked down with surveillance equipment in Uri, dangerous intention to meet China-made rifle M16
उड़ी में घुसपैठियों से मिले हथियार - फोटो : पीआरओ

उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में गुरुवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान तीन आतंकवादियों को खोजने और मार गिराने  के लिए हवाई और जमीनी सेंसर सहित नई तकनीक वाले सर्विलांस उपकरण और हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। बारामुला में सेना ने शुक्रवार को मीडिया को यह जानकारी दी। तीन आतंकवादियों के पास से एक चीनी निर्मित एम -16 असॉल्ट राइफल बरामद की गई है। सेना ने इस बरामदगी को असामान्य बताया है। 19 इन्फेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अजय चांदपुरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मिलिट्री इंटेलिजेंस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के सूत्रों से मिले विश्वसनीय इनपुट के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया था। 

Terrorists tracked down with surveillance equipment in Uri, dangerous intention to meet China-made rifle M16
उड़ी घुसपैठ के बारे में जानकारी देते अधिकारी - फोटो : पीआरओ

हमने उड़ी सेक्टर के कमलकोट इलाके में पीओके से घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसमें तीन विदेशी आतंकवादियों को ढेर कर हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। जिस इलाके में ऑपरेशन किया गया, वह बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसमें घनी झाड़ियां और जंगल का क्षेत्र था। भारी बारिश के साथ मौसम बेहद धूमिल था और पूरे क्षेत्र में माइन बिछी हुई थीं। ऑपरेशन को अंजाम देने वाली 8 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल राघव ने कहा कि सेक्टर में एलओसी पर तैनात बीएसएफ के जवानों सहित सुरक्षा बलों ने बुधवार को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को देखा।

Terrorists tracked down with surveillance equipment in Uri, dangerous intention to meet China-made rifle M16
उड़ी में घुसपैठियों से मिले हथियार - फोटो : पीआरओ

उसी के आधार पर ऑपरेशन मृत्युंजय शुरू किया गया था। छोटे घात लगाकर हमला करने वाले दलों  और निगरानी टुकड़ियों को अभियान में शामिल किया गया था। हमारी टीमों को दुश्मन का निगरानी उपकरण और निगरानी तंत्र डिटेक्ट नहीं कर पाया। हमारी टीमों को इस स्थान पर 25 घंटे से अधिक समय तक तैनात किया गया था और 25 अगस्त को सुबह 7.55 बजे टीमों ने आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा पार करते देखा। हमने नवीनतम सेंसर तकनीक और निगरानी उपकरणों का उपयोग कर आतंकियों की गतिविधियों का पता लगाया गया था। 

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Terrorists tracked down with surveillance equipment in Uri, dangerous intention to meet China-made rifle M16
उड़ी में घुसपैठियों से मिले हथियार - फोटो : पीआरओ

उन्होंने कहा कि गुरुवार की सुबह करीब 8.45 बजे आतंकी घात लगाकर बैठे दलों से 40-50 मीटर की दूरी पर आ गए, जिन्होंने उन पर गोलियां चला दीं और करीब 15 मिनट की संक्षिप्त अदला-बदली में तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। कर्नल राघव ने कहा कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है। दो एके-सीरीज हथियार, एक चीनी एम-16 हथियार और उनके गोला-बारूद और अन्य चीजें बरामद की गई हैं।

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Terrorists tracked down with surveillance equipment in Uri, dangerous intention to meet China-made rifle M16
उड़ी में घुसपैठियों से मिले हथियार - फोटो : पीआरओ

आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई

कर्नल राघव ने कहा कि यह भी पता चला है कि इन आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए तैयार किया गया और साथ ही संकेत मिलता है कि उन्होंने औपचारिक सैन्य प्रशिक्षण लिया था। सीओ ने कहा कि नवीनतम निगरानी उपकरण और हथियारों को ऑपरेशन के दौरान इष्टतम उपयोग के लिए रखा गया था। जीओसी ने कहा कि मारे गए आतंकवादियों के पास कोई दस्तावेज नहीं था जिससे उनकी पहचान का पता लगाया जा सके। हमारा आकलन है कि इन आतंकियों को घुसपैठ के लिए धकेलने से पहले उनसे उनकी आईडी छीन ली गई थी और उनके पास कोई आईडी नहीं थी।

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