पुलवामा जिले के लेलहार में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ के दौरान भाई की गुहार पर हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी ने साथी के साथ सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आतंकी अकील का भाई मौके पर पहुंचा तो उसने कश्मीरी भाषा में अपने भाई से कहा, अकील मैं साहबा ...अगर तुम सरेंडर करोगे तो मैं यहीं हूं... ये सब बोल रहे हैं कि तुम सब बाहर निकलो। अगर तुम सभी सरेंडर करना चाहते हो तो यह तुम पर फायरिंग नहीं करेंगें। आप भी वहां से फायरिंग मत करना।
आतंकी के भाई ने कहा- पूरे खानदान का सफाया करवाना है? खिड़की से हथियार फेंको, कपड़े उतारकर बाहर आओ
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उसने कहा कि हथियार खिड़की से फेंक दो और कपड़े उतार कर हाथ ऊपर कर बाहर आ जाओ। यहां पर काकापोरा कैंप के रहमान भाई और पुलवामा के एसपी साहब मौजूद हैं। अगर तुम चाहते हो तो मैं गेट तक खुद आऊंगा। तुम्हें मां-बाप का तो पता ही है वह तो मर चुके हैं। हमने पहले ही अपना एक भाई खोया है अब क्या पूरे खानदान का सफाया करवाना है।
मुठभेड़ शुक्रवार शाम लगभग 7.40 बजे शुरू हुई थी। इससे पहले शुक्रवार को ही सुरक्षा बलों ने त्राल में तीन हिजबुल आतंकियों को मार गिराया था। आत्मसमर्पण करने वाले दोनों आतंकियों की शिनाख्त लेलहार निवासी अकील अहमद लोन और वाऊर निवासी रऊफ अहमद के रूप में हुई है। इनके पास से एक एके-47, एक एके-56, कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हम स्थानीय आतंकियों को मुख्यधारा में शामिल होने का पूरा मौका देना चाहते हैं।
शुक्रवार शाम पुलवामा जिले के लेलहार इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी, जिसे रात में अंधेरा होने के चलते ऑपरेशन स्थगित किया गया। इस दौरान घेराबंदी सख्त की गई ताकि आतंकी भाग न सकें। सुरक्षाबलों को सूचना थी कि अंदर 2 से 3 आतंकी छुपे हैं जिनमें से एक हिजबुल आतंकी अकील लोन भी है। शनिवार सुबह होते ही अकील के परिवार वालों से संपर्क किया गया और उसके भाई को मुठभेड़ स्थल पर बुलाकर आतंकियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करवाई गई। इसका असर दिखा और दोनों आतंकियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने एक बार फिर भटके हुए युवाओं से अपील की है कि वह आतंकवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट आएं। इन युवाओं की उनके समाज और खासकर माता-पिता को बेहद जरूरत है। जम्मू कश्मीर पुलिस खुले दिल से उनका स्वागत करेगी। उन्होंने पुलिस टीम को धैर्य रखने के लिए बधाई दी। जिसके कारण दो युवकों की जान बच गई।