पुलवामा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों ने सुरक्षाबलों के सामने समर्पण किया है। परिजनों और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों आतंकियों ने हथियार डाले। इससे दोनों के घरों में खुशी का माहौल है।
Pulwama Encounter: आतंकी बने बेटों से परिजनों की गुहार- अभी भी वक्त है घर लौट आ, जानिए फिर क्या हुआ..
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शनिवार तड़के दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में संयुक्त बलों के सामने एक घर में फंसे दो आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलवामा के लेलहर गांव में शुक्रवार शाम को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
इसी दौरान एक घर में शरण लिए दो स्थानीय आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान जवानों की जवाबी कार्रवाई में गोली से एक आतंकी घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस दौरान सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने आतंकियों से समर्पण करने की अपील की। साथ ही आतंकियों के परिवार के सदस्यों को बुलाया गया। परिजनों ने भी उनसे वापस लौटने की गुजारिश की। कई प्रयासों के बाद दोनों फंसे हुए आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने दो एके -47 राइफलों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इससे पहले शुक्रवार को त्राल में तीन आतंकी मारे गए थे। तीनों स्थानीय आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के थे। उनके पास से एक एके-47, दो पिस्तौल और चार ग्रेनेड बरामद हुए।
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि त्राल में शाम चार बजे मुठभेड़ शुरू हुई। जब मंडूरा गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी कर घरों की तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि उनके घर में आतंकी पनाह लिए हुए हैं। जब आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा गया तो उन्होंने अंदर से ग्रेनेड फेंकने शुरू कर दिया।
जवाबी कार्रवाई में शुरुआत में एक आतंकी को मार गिराया गया। इसके अगले दस मिनट में मकान में मौजूद दो और आतंकी भी मार गिराए गए। आईजीपी ने कहा कि मारे गए तीनों आतंकियों की शिनाख्त आरिफ बशीर, वारिस हसन नाइकू और सैयद हाफिज के रूप में हुई।