घाटी में कोरोना का पहला पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद प्रशासन की तरफ से लगाई पाबंदियों पर लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है। शुक्रवार सुबह से सड़कों पर 10-15 प्रतिशत लोग ही दिखाई दिए। ये भी ऐसे थे, जिनका घर से निकलना मजबूरी थी। जुमे की नमाज के दौरान भी कम भीड़ दिखी। कई मुख्य जगहों पर तारबंदी कर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। ऐसी ही रिपोर्ट दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और कुलगाम जिलों के अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा के साथ बडगाम और गांदरबल समेत घाटी के अन्य हिस्सों से मिली।
कोरोना का असर: कश्मीर के लोगों की समझदारी बयां करतीं तस्वीरें, सरकार को जनता का समर्थन
घाटी में कोरोना का पहला पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद प्रशासन की तरफ से लगाई पाबंदियों पर लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है।
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प्रशासन की तरफ से लगाई गईं पाबंदियां श्रीनगर के सिविल लाइन के साथ-साथ डाउन-टाउन में भी देखने को मिली। सुबह ही कई इलाकों में पुलिस की गाड़ियां लाउड स्पीकर पर लोगों से अंदर रहने की अपील करती रहीं। साथ ही चेतावनी भी दी कि पाबंदियों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रीनगर के जिला उपायुक्त डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि पहले हमने स्कूल बंद किए। जरूरत पड़ने पर मार्किट को बंद किया गया। हमने इसलिए पाबंदियां लागू कीं क्योंकि ये लोगों की ही मांग थी और उनकी भलाई के लिए ही है।
अस्पताल, बिजली, पानी, आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस समेत अन्य आवश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है। यह अस्थायी उपाय है और लोगों को सहयोग करने की आवश्यकता है। प्रशासन की तरफ से एयरपोर्ट पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
इस पूरे ममाले में हमें सावधानी बरतनी है। जहां पर भीड़ है उस जगह से दूर रहना है। यही एक तरीका है जिससे हम बच सकते हैं। डरने की नहीं एहतियात बरतने की जरूरत है। -भूपेंद्र कुमार डायरेक्टर एनएचएम