{"_id":"5f9f90799412e40c6d5225ae","slug":"bjym-workers-murder-mastermind-hijbul-commander-terrorist-saifullah-killed","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मारा गया तीन भाजपा नेताओं की हत्या का मास्टरमाइंड, इतने खतरनाक थे उसके इरादे कि हैरान रह जाएंगे आप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मारा गया तीन भाजपा नेताओं की हत्या का मास्टरमाइंड, इतने खतरनाक थे उसके इरादे कि हैरान रह जाएंगे आप
Mon, 02 Nov 2020 10:31 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 02 Nov 2020 10:31 AM IST
विज्ञापन
hijbul commander Saifullah killed
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुलगाम में हाल ही में भाजयुमो के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या का मास्टरमाइंड, सेना की टॉप टेन सूची में शामिल और मोस्ट वांटेड हिजबुल मुजाहिदीन सरगना डॉ. सैफुल्लाह मीर रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया। यह सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है। इसी साल मई महीने में रियाज नायकू के मारे जाने के बाद उसने हिजबुल की कमान संभाली थी। सुरक्षा बलों को श्रीनगर के बाहरी इलाके रंगरेथ के पुराने एयरफील्ड के पास आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। इस सूचना पर सेना, सीआरपीएफ, पुलिस ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
hijbul commander Saifullah killed
- फोटो : अमर उजाला
घेरा सख्त होता देख एक मकान में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में दूसरी ओर से फायरिंग आनी बंद हो गई। तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी का शव बरामद किया गया। इसकी शिनाख्त हिजबुल के ऑपरेशनल कमांडर डॉ. सैफुल्लाह मीर उर्फ गाजी हैदर उर्फ डाक्टर साहब के रूप में हुई है।
hijbul commander Saifullah killed
- फोटो : अमर उजाला
तीन पुलिसकर्मियों समेत नौ की हत्या की थी
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सैफुल्लाह श्रीनगर में कुछ नागरिकों की हत्या के इरादे से आया था। उसने तीन पुलिसकर्मियों की हत्या की थी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दो ट्रक ड्राइवरों की हत्या में भी शामिल रहा था। कुलगाम में हाल में एक सरपंच पर हमले में भी शामिल था, लेकिन वह बच गया। इसके साथ ही कुलगाम में इसी सप्ताह भाजपा नेताओं की हत्या में भी उसका हाथ था। उसने 9 लोगों की हत्या की थी। कई सैन्य प्रतिष्ठानों समेत दर्जनभर आतंकी वारदातों में वह शामिल रहा था।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सैफुल्लाह श्रीनगर में कुछ नागरिकों की हत्या के इरादे से आया था। उसने तीन पुलिसकर्मियों की हत्या की थी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दो ट्रक ड्राइवरों की हत्या में भी शामिल रहा था। कुलगाम में हाल में एक सरपंच पर हमले में भी शामिल था, लेकिन वह बच गया। इसके साथ ही कुलगाम में इसी सप्ताह भाजपा नेताओं की हत्या में भी उसका हाथ था। उसने 9 लोगों की हत्या की थी। कई सैन्य प्रतिष्ठानों समेत दर्जनभर आतंकी वारदातों में वह शामिल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
hijbul commander Saifullah killed
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन से किया जा रहा था ट्रैक
डीजीपी ने बताया कि सैफुल्लाह के मूवमेंट को पिछले दो दिन से ट्रैक किया जा रहा था। अनंतनाग पुलिस ने भी इस बारे में इनपुट शेयर किया था। वह कुछ और नागरिकों की हत्या और सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहा था। इसी के लिए सैफुल्लाह श्रीनगर आया था। सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही है। इसी के परिणामस्वरूप हिजबुल कमांडर को मारने में सफलता हासिल हो सकी है।
डीजीपी ने बताया कि सैफुल्लाह के मूवमेंट को पिछले दो दिन से ट्रैक किया जा रहा था। अनंतनाग पुलिस ने भी इस बारे में इनपुट शेयर किया था। वह कुछ और नागरिकों की हत्या और सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहा था। इसी के लिए सैफुल्लाह श्रीनगर आया था। सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही है। इसी के परिणामस्वरूप हिजबुल कमांडर को मारने में सफलता हासिल हो सकी है।
विज्ञापन
hijbul commander Saifullah killed
- फोटो : अमर उजाला
नायकू ने गाजी हैदर दिया था नाम
पुलवामा के मलंगपोरा का सैफुल्लाह अक्तूबर 2014 में हिजबुल में शामिल हुआ था, जब बुरहान वानी के हाथ में संगठन की कमान थी। रियाज नायकू ने उसे गाजी हैदर नाम दिया था। छह मई को रियाज नायकू के मारे जाने के बाद उसने हिजबुल की कमान संभाली थी। इसके बाद से वह घाटी में लगातार सुरक्षा बलों पर हमले और नागरिकों की हत्या में शामिल रहा था।
पुलवामा के मलंगपोरा का सैफुल्लाह अक्तूबर 2014 में हिजबुल में शामिल हुआ था, जब बुरहान वानी के हाथ में संगठन की कमान थी। रियाज नायकू ने उसे गाजी हैदर नाम दिया था। छह मई को रियाज नायकू के मारे जाने के बाद उसने हिजबुल की कमान संभाली थी। इसके बाद से वह घाटी में लगातार सुरक्षा बलों पर हमले और नागरिकों की हत्या में शामिल रहा था।