कश्मीर घाटी में अनिश्चितता व अफरातफरी के माहौल के बीच महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमरनाथ यात्रियों व पर्यटकों के घाटी छोड़ने के फरमान के बाद पूरी वादी में परेशान लोग पेट्रोल, गैस सिलेंडर व अन्य जरूरी सामानों के लिए दुकानों की कतार में नजर आए। बड़ी मात्रा में सुरक्षबलों की तैनाती से किसी अनहोनी की आशंका के चलते लोग खौफजदा हैं।
जम्मू कश्मीर में अनिश्चितता-अफरातफरी का माहौल, महत्वपूर्ण संस्थानों की बढ़ायी गई सुरक्षा, तस्वीरें
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अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य खतरों की आशंका वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। ये सुरक्षा बल पिछले सप्ताह यहां पहुंचे थे। श्रीनगर में सचिवालय, पुलिस मुख्यालय, हवाई अड्डे, केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। शहर में आने वाली सड़कों पर बैरीकेड लगाए गए हैं।
दक्षिण कश्मीर के सर्वाधिक आतंक प्रभावित जिले अनंतनाग के पहलगाम में सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। चार दिन पहले ये सड़कें श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आबाद थीं परंतु अब यहां सन्नाटा नजर आ रहा है। पहलगाम के होटल खाली पड़े हैं। विदेशी पर्यटकों को भी लौटना पड़ा है।
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस साल काफी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद थी परंतु अचानकर इस फैसल ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया। वर्ष 2010 में भी घाटी में अशांति थी लेकिन उस समय भी इस तरह की एडवाइजरी जारी नहीं की गई थी। 2016 में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भी ऐसा कदम नहीं उठाया गया था। आज पेट्रोल पंपों के बाहर लम्बी लाइन देखने को मिल रही है। किराने की दुकानों पर भी यही हाल है।
राज्य में बने हालात को देखते हुए रविवार को सुरक्षा बलों ने पुंछ और राजोरी में मार्च किया। इसमें आरएएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, बीएसएफ, आईटीबीपी के साथ ही पुलिस के जवान भी शामिल रहे। पुंछ में आरएएफ के जवानों को देखकर लोगों में थोड़ी उत्सुकता का माहौल दिखाई दिया। राजोरी में हुए फ्लैग मार्च से भी लोग सकते में हैं।