श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर देशभर से आए श्रदालुओं में जबरदस्त जोश और उत्साह है। आधार शिविर भगवती नगर(जम्मू) से शुक्रवार तड़के रवाना हुए पहले जत्थे में कोई शिवभक्त डमरू तो कोई त्रिशूल लिए था। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों में भी बाबा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कोई आतंकी धमकी या अन्य कोई आपदा बाबा के दरबार में पहुंचने से रोक नहीं सकती है। शुक्रवार को मानसून ने भी भक्तों का बारिश से स्वागत किया। बालटाल से चौथी बार बाबा के दर्शन के लिए जा रहे बिहार के औरंगाबाद निवासी रोशन कुमार ने कहा कि इस बार लगभग कोविड मुक्त वातावरण है।
2 of 6
अमरनाथ यात्रा में डमरू लेकर पहुंचे भक्त
- फोटो : अमर उजाला
बाबा के दरबार में माथा टेककर खुद और अन्य लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करेंगे। पहलगाम रूट से जा रहीं अहमदाबाद निवासी अमिन अवनिका ने कहा कि इस बार यात्रा को लेकर अधिक उत्साह है। इस बार रिकार्ड यात्रा होने की उम्मीद है। अहमदाबाद से ही मंजुला ने कहा कि वह पांचवीं बार दरबार में हाजिरी देने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वहां नतमस्तक होकर सुकून प्राप्त होता है। पहलगाम रूट से नौंवी बार दर्शन के लिए जा रहे अहमदाबाद निवासी विनोद परमार ने कहा कि बाबा के दर्शन मात्र से सारी थकान दूर हो जाती है।
3 of 6
अमरनाथ यात्रा में शामिल भक्त
- फोटो : अमर उजाला
युवा मोहिन शर्मा निवासी रिहाड़ी ने बताया कि वह पहली बार बालटाल रूट से बाबा बर्फानी के दरबार में जा रहे हैं। इसी तरह अखनूर निवासी रोहिन जम्वाल दूसरी बार बालटाल रूट से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस रूट से वह शनिवार को ही दर्शन करके लौट आएंगे। बख्शीनगर निवासी युवा शुभम आनंद ने बताया कि वह भी दूसरी बार बालटाल रूट से यात्रा के लिए जा रहे हैं।
4 of 6
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए जम्मू पहुंचे साधु
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल और प्रशासन की तरफ से अच्छी व्यवस्थाएं हैं। बालटाल रूट से जा रही चंडीगढ़ निवासी सोनिका ने बताया कि वह वर्ष 2011 से बाबा के दर्शन के लिए आ रही हैं। सिर्फ कोविड के दौरान दर्शन नहीं कर सकीं। उन्होंने यात्रा संंबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। कहा कि बाबा के दर्शन से सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
5 of 6
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने से के लिए जम्मू पहुंचे भक्त
- फोटो : अमर उजाला
बनारस से सात फुट का त्रिशूल लेकर पहुंचे
अमरनाथ यात्रा शुरू होने के साथ बाबा के भक्त विभिन्न रंगों में दिख रहे हैं। पहलगाम रूट से आठवीं बार यात्रा के लिए जा रहे बनारस निवासी दीपक सिंह वहां से सात फुट का त्रिशूल लेकर लाए हैं। उनका कहना है कि अगर अनुमति मिली तो वह त्रिशूल को बाबा के दरबार में चढ़ाएंगे, नहीं तो वापस अपने साथ लाकर अपने पैतृक स्थल पर मंदिर में चढ़ा देंगे। यात्रा के दौरान भारी त्रिशूल को उठाने में किसी तरह की दिक्कत के सवाल पर दीपक ने कहा कि उन्हें त्रिशुल उठाकर जो सुख की प्राप्ति हुई है, वह पहले कभी नहीं हुई।