स्कॉस्ट जम्मू में अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में एलजी से पुरस्कार पाकर होनहारों के हौसलों को और मजबूती मिली। दसवीं कक्षा के मेधावियों ने कहा कि अब 12वीं कक्षा में भी इससे अच्छे अंक लेकर फिर सम्मान प्राप्त करेंगे।
अमर उजाला सम्मान समारोह: 10वीं के मेधावी बोले- 12वीं में इससे अच्छे अंक लेकर फिर पाएंगे सम्मान
स्कॉस्ट जम्मू में अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में एलजी से पुरस्कार पाकर होनहारों के हौसलों को और मजबूती मिली। दसवीं कक्षा के मेधावियों ने कहा कि अब 12वीं कक्षा में भी इससे अच्छे अंक लेकर फिर सम्मान प्राप्त करेंगे।
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मेरे लिए यह वर्ग की बात है। पहली बार इस तरह का सम्मान मिल रहा है। अब 12वीं की बोर्ड परीक्षा में और अच्छे से मेहनत करूंगा, ताकि फिर से सम्मान पा सकूं। एलजी सर से सम्मान मिलना और उनके साथ मंच पर खड़े होने का अनुभव हमेशा याद रहेगा। -कनन गुप्ता, चट्ठा।
प्रतिभाओं को सम्मानित करने से मनोबल बढ़ता है। कठिन परिश्रम करने के बाद उसका सम्मान मिलना हर किसी को अच्छा लगता है। अपने स्कूल के अगले दो सालों में अपनी मेहनत को बरकरार रखूंगा, ताकि फिर से यह सम्मान पाने के मौका मिल सके। -अंश सलाथिया, उधमपुर।
अमर उजाला की ओर से आयोजित सम्मान समारोह और एलजी सर के हाथों सम्मानित होना मेरे लिए सपना सच करने जैसा है। आज मैंने जाना है कि कठिन परिश्रम करने से फल जरूर मिलता है। मेरा परिवार खुश है और फिर से इस सम्मान को पाना चाहूंगा। -शुभम कुमार, डोगरा हाल जम्मू।
मेरे लिए अमर उजाला के कार्यक्रम में सम्मानित होना काफी खास रहा। मेरा घर अमर उजाला कार्यालय बिक्रम चौक के पास ही है। परिवार वालों को जब पता चला की मैं सम्मानित हो रहा हूं तो वे फूले नहीं समाए। -यशकीरत, बिक्रम चौक, जम्मू।
सम्मान मिलने से भविष्य में और अच्छा करने की प्रेरणा मिली है। स्कूल में भी मेधावियों को सम्मानित किया जाता है, लेकिन एलजी सर से सम्मानित होने का अहसास ही कुछ खास है। सफलता में परिवार और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। अपने परिवार का गौरव बढ़ाने के लिए अपना परिश्रम जारी रखूंगी। -खुशी शर्मा, राजपुरा, जम्मू।
कार्यक्रम में पहुंचने के लिए राजोरी से सुबह आठ बजे चली थी। मेरे लिए सम्मानित होना बड़ा खास है, क्योंकि मैंने पहली बार एजली सर को करीब से देखा है। अमर उजाला से सम्मान मिलने से मेरा पूरा परिवार खुश है। 12वीं कक्षा में दोबारा सम्मान प्राप्त करने के लिए परिश्रम जारी रखूंगी। - इस्मा अजीज, राजोरी।
सम्मान मिलने से मेरा मनोबल बढ़ा है, भविष्य में और अच्छा करूंगा। मेरे सहपाठियों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे भी अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर होंगे। पहली बार एलजी सर को करीब से देखा है। यह किसी सपने को सच करने जैसा है। -सिमरन गिलानी, राजोरी।
जब दसवीं का रिजल्ट पता चला तो पूरा परिवार खुश था, लेकिन उससे ज्यादा खुशी आज जाकर मिली, जब एलजी सर ने मुझे सम्मानित किया। मैने कभी सोचा नहीं था कि मुझे ऐसा सम्मान मिलेगा। - हिलाल अहमद, राजोरी।