अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू का उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जम्मू दौरे के दौरान किया। एम्स जम्मू, जिला जम्मू के साथ लगते सांबा के विजयपुर में स्थित है, जो 226.84 एकड़ में फैला हुआ है। इसे 1661 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। एम्स में 30 जनरल और 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे। पहले चरण में लगभग तीस से अधिक जनरल और सुपर स्पेशियलिटी विभागों में ओपीडी सेवाएं शुरू की जानी हैं।
Aiims Jammu: आज पीएम मोदी ने किया एम्स जम्मू का शुभारंभ, 1661 करोड़ की लागत से तैयार
एम्स जम्मू का उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जम्मू दौरे के दौरान किया। एम्स जम्मू, जिला जम्मू के साथ लगते सांबा के विजयपुर स्थित है।
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पहले चरण में एम्स में आपात सेवाएं शुरू नहीं की जाएंगी। सभी जरूरी उपकरण और पर्याप्त संकाय व अन्य स्टाफ की तैनाती के बाद अगले छह माह में एम्स पूरी तरह से काम करने लगेगा। एम्स की करीब 500 नर्सों को दिल्ली एम्स में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है। 187 सृजित पदों में से 85 संकाय सदस्यों की नियुक्ति कर ली गई है और बाकी की भर्ती जारी है। एम्स में सुरक्षा के लिए सौ प्रतिशत स्थानीय एक्स सर्विसमैन की नियुक्ति की जाएगी। यदि जगह बची तो दूसरे प्रदेश के लोगों को मौका दिया जाएगा।
एम्स रेफरल अस्पताल के रूप में काम करेगा, जिसमें गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेगा, उसके डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के काम करेंगे। इसके लिए प्रदेश प्रशासन को लिखा गया है। हर जिले को टेलिमेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित किए जाएंगे
पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित किए जाएंगे। बाद में इसे बढ़ाकर 900 से अधिक बिस्तर करने का प्रावधान रखा गया है। एम्स प्रमुख रूप से शोध गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा।
प्रदेश में जहरीले पदार्थों के निगलने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स प्रशासन प्वाइजिंग (जहर) सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित करेगा। इसमें सर्पदंश और दूसरे जहर के मामलों के लिए जिला स्तर पर टेलिमेडिसिन के माध्यम से एम्स विशेषज्ञों द्वारा तत्काल उचित चिकित्सा सलाह मुहैया करवाई जाएगी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर के सभी 42 भवनों को जीआरसी क्लेडिंग प्रणाली से लैस किया जा रहा है। इसमें 90 प्रतिशत तक भवनों की दीवारों पर आठ इंच के अंतर में लोहे के फ्रेम के साथ विशेष तरह की ग्लास इंफोर्स कंकरीट टाइल स्थापित की गई हैं।
इस टाइल की खासियत है कि बाहर के 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के तापमान के साथ कड़ाके की ठंड में न्यूनतम तापमान में भी भवनों के भीतरी क्षेत्र में तापमान को सामान्य रखने में मदद करेगी। जिससे एम्स के भीतर चिकित्सा स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों को राहत होगी। इस टाइल पर 30 साल तक व्हाइटवाॅश की जरूरत नहीं होगी और इसमें बारिश के साथ धूल-मिट्टी साफ हो जाएगी। यहां पढ़ें पूरी खबर...