दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के कंगन में सुरक्षाबलों ने बुधवार को जैश-ए- मोहम्मद के टॉप पाकिस्तानी कमांडर और आईईडी एक्सपर्ट अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई समेत तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। आतंकी फौजी पाकिस्तान में रहने वाले जैश सरगना मसूद अजहर का रिश्तेदार भी है। फौजी 14 फरवरी, 2019 को लेथपोरा में सीआरपीएफ जवानों पर आत्मघाती हमले व इस वर्ष 28 मई को राजपोरा इलाके में कार में आईईडी लगाने की साजिश में भी शामिल था।
2020 में अबतक 75 आतंकी ढेर, 'कंगन' ने ठोक दी मसूद अजहर के आतंकी ताबूत में आखिरी कील!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विक्टर फोर्स के जीओसी ए सेन गुप्ता ने मुठभेड़ के बाद बताया कि सुरक्षाबलों को पिछले दो-तीन दिन से इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिल रही थी। इसके लिए 55 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ की 182-183वीं बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात इलाके में ऑपरेशन शुरू किया। घर-घर तलाशी के दौरान बुधवार सुबह 9:30 बजे आतंकियों के छिपने की जगह पता चल गई। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया। खुद को घिरा देखकर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जैश के तीन आतंकी मारे गए।
इनमें से एक की पहचान मुल्तान (पाकिस्तान) निवासी अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई के रूप में की गई। यह जैश का टॉप कमांडर है और 2017 से कश्मीर में सक्रिय था। कश्मीर से पहले वह अफगानिस्तान में भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका है। फौजी का हाल ही में राजपोरा इलाके में आईईडी से लैस कार तैयार करने में भी हाथ था।
कश्मीर संभाग के आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि जैश कमांडर फौजी का नाम 28 मई को पुलवामा जिले के राजपोरा इलाके में मिली आईईडी से भरी कार के मामले में भी सामने आया था। सुरक्षाबलों को इसकी दो साल से तलाश थी। वर्ष 2020 में इस वर्ष अब तक सुरक्षाबलों ने 75 आतंकी मार गिराए हैं, जबकि इनके 125 मददगार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 2019 में 150 से अधिक और 2018 में 250 से अधिक आतंकियों को मारा गया था।
कंगन मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आईईडी एक्सपर्ट अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई समेत जैश के तीन आतंकियों को मार गिराया है। सुरक्षाबलों के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।
- कर्नल राजेश कालिया, सैन्य प्रवक्ता