फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

PICS: श्रीनगर में 17वीं सदी में बना दीवान-ए-खास फिर से खुला

Tue, 03 May 2016 11:26 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 03 May 2016 11:26 AM IST
विज्ञापन
Diwan-e-Khas reopen for public in srinagar
दीवान-ए-खास - फोटो : Getty Images

कश्मीर की विरासत को कायम रखने की कोशिश के चलते सोमवार को दीवान-ए-खास को लोगों के लिए खोल दिया गया। इसे 17वीं सदी में मुगल बादशाह जहांगीर ने शालीमार बाग में अपनी बेगम के लिए बनवाया था।

Diwan-e-Khas reopen for public in srinagar
दीवान-ए-खास - फोटो : Getty Images

घाटी के मुगल बागों में से एक मशहूर बाग शालीमार बाग के दीवान-ए-खास का कश्मीर की विरासत में अलग ही महत्व रहा है। यह बाग यूनेस्को की लिस्ट में भी दर्ज हे। 15 सालों में बने इस बाग के इस दीवान-ए-खास की मरम्मत कर इसे फिर से खोल दिया गया है। इसकी मरम्मत का काम इंटेक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) ने जर्मनी के सहयोग से शुरू किया।

Diwan-e-Khas reopen for public in srinagar
Diwan-e-Khas - फोटो : Amar Ujala

जर्मनी के भारत में दूतावास डा. मार्टिन नेय ने दीवान-ए-ख़ास की पूर्वावस्था की प्राप्ति के पहले चरण का उद्घाटन किया किया। उनके समक्ष पीडीपी के नेता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर भी थे। उन्होंने इसे राज्य सरकार को सौंपा, जिसे लोगों के लिए खोल दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Diwan-e-Khas reopen for public in srinagar
दीवान-ए-खास - फोटो : Getty Images

इस अवसर पर जर्मन दूतावास ने कहा कि हमारी काफी दिलचस्पी रहती है ऐसी ऐतिहासिक विरासतों में और जब हमें कहा गया, तो हमने इसे मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा ने हमें एक और ऐसे ही विरासत की मरम्मत के बारे में बोला है, जिस पर हम विचार करेंगे।

विज्ञापन
Diwan-e-Khas reopen for public in srinagar
Diwan-e-Khas - फोटो : Getty Images

डा. मार्टिन नेय के अनुसार वर्ष 1981 से लेकर अब तक जर्मनी द्वारा करीब 400 करोड़ से अधिक राशि 144 देशों में किये गए 2650 ऐसे प्रोजेक्टों पर खर्च किए गए हैं। उनके अनुसार केवल भारत में ही 50 से अधिक ऐसे प्रोजेक्ट हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed