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एक राजकुमारी की Love story, सालों सही समाज से दूरियां, सिर्फ अपने प्यार के लिए
Tue, 13 Feb 2018 02:01 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:01 PM IST
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दीया कुमारी
- फोटो : फाइल फोटो
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एक ऐसी प्रेम कहानी, जिसमें राजकुमारी ने अपने प्यार को पाने के लिए संघर्ष किया और खुद के समाज की परवाह नहीं की। समाज ने भी एक खास वजह से शादी का विरोध किया, लेकिन इस प्रिंसेज ने प्यार को सबसे ऊपर माना और शादी की। संघर्ष के दौरान संबंधित समाज ने राज परिवार की होने के बावजूद उनसे दूरिया बना ली थीं।
एक गोत्र में विवाह से नाराज था समाज
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दीया कुमारी व नरेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
हम बात कर रहे हैं जयपुर के पूर्व राजपरिवार की राजकुमारी दीयाकुमारी की। दीया कुमारी की शादी अगस्त 1997 में हुई थी। शादी के साथ ही एक विवाद भी शुरू हुआ। उन्होंने नरेंद्र सिंह से प्रेम विवाह किया था। विवाद इसलिए हुआ कि दोनों एक ही गोत्र के थे। इसे लेकर राजपूत समाज में एकबारगी तो आक्रोश भी नजर आया। सगोत्री शादी को लेकर खिलाफत भी शुरू हुई, लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग रहीं।
19 साल तक बनी रही दूरियां
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दीया कुमारी
राजपूत समाज की सबसे बड़ी संस्था राजपूत सभा ने इस शादी की खिलाफत की। तब दीया कुमारी के पिता भवानी सिंह इस संस्था के स्थाई अध्यक्ष थे। इस शादी के चलते उन्हें पद से हटा दिया गया। समाज और पूर्व राजपरिवार के संबंध में तल्खी आ गई। दूरियां कई सालों तक बनी रही। करीब 19 साल तक हालात ये ही रहे। बाद में जाकर राजमहल के मामले में समाज ने दोबारा पूर्व राजपरिवार का साथ दिया था।
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यूं बढ़ा उनका परिवार
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दीया कुमारी परिवार के साथ
शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। उनके पहली संतान बेटा हुआ। 2 जुलाई 1998 को पद्मनाभ ने जन्म लिया। पद्मनाभ पूर्व महाराजा भवानी सिंह द्वारा 22 नवम्बर 2002 को उनका युवराज घोषित किया गया और 27 अप्रैल 2011 को जयपुर की गद्दी पर विराजमान हुए। इसके बाद दूसरा पुत्र लक्ष राज सिंह है और उनकी पुत्री गौरवी कुमारी हैं।
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दादी के पदचिन्हों पर चलीं
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diya kumari
दीया कुमारी ने राह चुनी राजनीति की। अपनी दादी पूर्व राजमाता गायत्री देवी की तरह ही उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। दीया कुमारी ने हाथ थामा भाजपा का। सितम्बर 2013 में जयपुर में हुई रैली के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस रैली में वर्तमान प्रधानमंत्री व गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, वसुंधरा राजे समेत कई नेता मौजूद थे। हाल ही में उपजे पद्मावत विवाद में दीया कुमारी ने समाज का साथ देते हुए फिल्म को रिलीज न करने देने की मांग की थी।
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