राजसमंद में लव जिहाद के नाम पर हुई दरिंदगी की मूल वजह का खुलासा खुद मुख्य आरोपी शंभूलाल ने कर दिया है। दरअसल खुद को जिहादियों का दुश्मन बताने वाला शंभू लाल इस हत्या को अंजाम देकर अपने काले कल पर सफेद कालिख पोत देना चाहता था।
बंगाली युवती से थे अवैध संबध
बताया गया है कि शंभूलाल के पश्चिम बंगाल निवासी एक युवती से अवैध संबध थे जिसके बारे में यहां रह रहे दो बंगाली मजदूरों अज्जू और बल्लू को भी मालूम था। इलाके में अच्छाई का नकाब ओढ़े शंभू को इस बात का डर था कि कहीं अज्जू और बल्लू ने उसके अवैध संबधों के बारे में सबसे कह दिया तो उसकी बिरादरी और इलाके में उसकी बदनामी हो जाएगी।
बंगालियों में खौफ पैदा करना चाहता था ताकि वो भाग जाएं
शंभू नृशंस हत्याकांड को अंजाम देकर यहां रह रहे बंगाली मजदूरों में खौफ पैदा करना चाहता था ताकि वो यहां से भाग जाएं और उसके इस राज से कभी पर्दा ही ना उठ पाए जिसमें वो आज लगभग कामयाब भी हुआ।
पुलिस ने तैयार की 413 पन्नों की चार्जशीट
राजसमंद ने इस हत्याकांड के 36 दिन बाद 413 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है जिसमें शंभूलाल के बयान दर्ज हैं और 70 के करीब सबूत भी पुलिस के पास हैं। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में उपयोग ली गई गेंती,पेट्रोल की खाली बोतल,माचिस,मोबाइल,वाहन आदि चीजें जुटाई हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच की रिपोर्ट भी सबूत के नाम पर काफी अहम साबित होगी।
शंभू ने राष्ट्रपति,पीएम और बाबा रामदेव को भी लिखे थे पत्र
शंभूलाल पर भड़काउ वीडियो देखने के बाद नफरत इस कदर हावी हो चुकि थी कि उसने वारदात को अंजाम देने से पहले देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और योग गुरू बाबा रामदेव को 30 नवंबर के दिन पत्र भी लिखे थे और अपने 15 वर्षीय के हाथों यूनियन बैंक को भेजे थे। बैंक मैनेजर को जब हत्याकांड का पता चला तो उन्होनें पुलिस को ये पत्र सौंप दिए।