निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की मुश्किलें पद्मावती फिल्म को लेकर कम नहीं हो रही है। एक के बाद एक राज्य इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा रहे हैं। हालांकि अभी तय नहीं है कि यह फिल्म कब रिलीज होगी, लेकिन फिल्म बैन के लिए उठ रही मांगों को देखते हुए उत्तर भारत के कई राज्यों की सरकारें 'पद्मावती' फिल्म को अपने यहां बैन कर चुकी हैं। गौरतलब है कि राजस्थान से प्रारंभ हुआ फिल्म का विरोध बीते 15 दिन में देश भर में फैल चुका है। करणी सेना के साथ कई सामजिक संगठन व समाज इस फिल्म के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
चौहान ने पद्मावती को बताया राष्ट्रमाता, कहा - यहां नहीं लगेगी फिल्म
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शिवराज सिंह चौहान
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कि पद्मावती राष्ट्रमाता है और इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। इसलिए मध्य प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में फिल्म बैन को लेकर हस्ताक्षर अभियान से लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
यूपी के सीएम योगी भी जता चुके हैं आशंका
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म की रिलीज को लेकर आशंका व्यक्त कर चुके है। जबकि यूपी के ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कह चुके है कि वे उत्तर प्रदेश में पद्मावती फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे।
कांग्रेस सरकार भी फिल्म के विरोध में
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अमरिंदर सिंह
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पंजाब में भी इस फिल्म पर बैन की बात सामने आई है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना सही नहीं है। इसलिए फिल्म का प्रदर्शन पंजाब में नहीं किया जाएगा। जिन राज्यों में फिल्म बैन को लेकर बात सामने आ रही है उनमें जम्मू व कश्मीर भी सम्मलित है।
राजस्थान में भी बन रहा है दबाव
अन्य राज्यों में इस फिल्म के बैन होने के कारण राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी फिल्म को बैन करने का दबाव बढने लगा है। हालांकि उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर विवादित हिस्सा हटाने की गुहार की है। महारानी पद्मिनी देवी का सबंध चित्तौड़ से हैं। साथ ही फिल्म का विरोध राजस्थान की करणी सेना सहित यहां के राजपूत समाज ने सबसे पहले प्रारंभ किया था।