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पाकिस्तान से भी आते हैं देश के इस मेले में श्रद्धालु, जानिए खास बातें
Wed, 23 Aug 2017 01:24 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:24 PM IST
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लोक देवता बाबा रामदेव
- फोटो : amar ujala
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मेले तो आपने बहुत से देखें होंगे, लेकिन आज हम यहां आपको ऐसे मेले के बारे में बताते हैं जो भारत से लेकर पाकिस्तान तक अपनी पहचान रखता है। आज से शुरू हुए ये मेला, जानिए इसकी खास बातें...।
राजस्थान राज्य से जुड़ा ये मेला जैसलमेर जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर रामदेवरा में जुटता है। जहां लोक देवता बाबा रामदेव के दर्शनों के लिए देश-विदेश से भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। राजस्थान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भी बाबा के भक्त रामदेवरा रूणीचा पहुंचते हैं।
सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल दिखती है यहां
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लोक देवता बाबा रामदेव के दर्शनों के लिए कतार
- फोटो : amar ujala
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को रामदेवरा मेला शुरू होता है जो करीब महीने भर तक यहां चलता है। मेले की सबसे खास बात यह है कि एक तरफ जहां हिंदू यहां बाबा रामदेव को मत्था टेकने पहुंचते हैं, वहीं मुस्लिम 'बाबा रामसा पीर' की जियारत करने आते हैं। हर किसी की जुबां पर यहां केवल एक ही बात है 'म्हारो हेलो सुणो जी रामा पीर...'
मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं घोड़ा
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कपड़े का घोड़ा
बाबा रामदेव को कृष्ण भगवान का अवतार माना जाता है। ऐसे में यहां दूरदराज से भक्त अपनी मुरादें लेकर आते हैं। मुराद पूरी होने पर भक्त कपड़े का घोड़ा बनाकर मंदिर में चढ़ाते हैं। बताया जाता है घोड़ा बाबा रामदेव की सवारी है। हाल ये है कि अभी से बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों की दो से तीन किलोमीटर तक कतार लगना शुरू हो चुकी है।
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निस्वार्थ भाव से भक्तों की करते हैं सेवा
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निस्वार्थ जल सेवा
- फोटो : amar ujala
आज से मेला शुरू होते ही यहां भक्तों की पदयात्राओं का आना भी जारी है। ऐसे में कई स्वयंसेवी संगठन भक्तों को निस्वार्थ भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, मेले को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की मदद से प्रत्येक स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यहां तक कि बम निरोधक दस्ते की मदद लेकर भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा जा रहा है।
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चार साल से आ रहे हैं 'लोटन बाबा'
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लोटन बाबा
- फोटो : amar ujala
मध्यप्रदेश और दक्षिणी राजस्थान से जाने वाले लोग रामदेवरा पहुंचने के लिए उदयपुर अंचल से गुजरते हैं। प्रकाश राव उर्फ लोटन बाबा भी ऐसे ही श्रद्धालु हैं। गुजरात में जुगलपुरा के रहने वाले प्रकाश राव पिछले चार साल से दण्डवत करते रूणीचा पहुंचते हैं। चूंकि ये पदयात्रा नहीं करते बल्कि जमीन पर लेटते हुए यात्रा पूरी करते हैं, इसलिए लोग इन्हें लोटन बाबा के नाम से जानते हैं।
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