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कोटा: सिविल ठेकेदार की अचानक मौत, गार्ड से बात करते-करते मुंह के बल गिरे; साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका
Tue, 06 Oct 2026 08:37 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:37 PM IST
सार
कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र में ईंटों के संयंत्र में अचानक तबीयत बिगड़ने से 30 वर्षीय सिविल ठेकेदार प्रदीप सुमन की मौत हो गई। पुलिस प्राथमिक जांच में मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक मान रही है।
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दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र के केवलनगर स्थित ईंटों के संयंत्र में छह अक्तूबर की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने से 30 वर्षीय सिविल ठेकेदार प्रदीप सुमन की मौत हो गई। कसार, मंडाना निवासी प्रदीप संयंत्र के सुरक्षा गार्ड से बातचीत कर रहे थे, तभी वे अचानक अचेत होकर मुंह के बल गिर पड़े। संयंत्र में मौजूद लोग उन्हें तत्काल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस साइलेंट हार्ट अटैक से मौत होना मान रही है।
संयंत्र परिसर में बिगड़ी तबीयत
मृतक के साथी गिरधारी ने बताया कि प्रदीप पिछले पांच-छह महीनों से इस संयंत्र में ठेकेदारी का काम कर रहे थे। 6 अक्तूबर की सुबह करीब 10 बजे वे श्रमिकों को संभालने के लिए आए थे। कैंटीन के पास पेड़ के नीचे खड़े होकर जब वे गार्ड से बात कर रहे थे, तब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। नीचे बैठते समय वे बेसुध होकर मुंह के बल गिर पड़े। इसके बाद साथी उन्हें गाड़ी से अस्पताल ले गए और परिजनों को सूचना दी।
अस्पताल में चिकित्सीय जांच और पुष्टि
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने ईसीजी और अन्य जांचों के बाद प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता गिरिराज ने कहा कि उनके बेटे को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, केवल मामूली सर्दी-जुकाम था। वे घर से पूरी तरह स्वस्थ निकले थे। प्रदीप अपने पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी शादी पांच साल पहले हुई थी। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।
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ये भी पढ़ें- उदयपुर में महिला की मौत पर बवाल: 50 लाख मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़ा साहू समाज; दी ये बड़ी चेतावनी
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम
रानपुर पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक हरिओम ने बताया कि कार्यस्थल पर चक्कर आने से ठेकेदार की तबीयत बिगड़ी थी। शुरुआती तौर पर साइलेंट अटैक से मौत होना सामने आया है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मर्ग दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। जांच के बाद ही मौत के सही कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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संयंत्र परिसर में बिगड़ी तबीयत
मृतक के साथी गिरधारी ने बताया कि प्रदीप पिछले पांच-छह महीनों से इस संयंत्र में ठेकेदारी का काम कर रहे थे। 6 अक्तूबर की सुबह करीब 10 बजे वे श्रमिकों को संभालने के लिए आए थे। कैंटीन के पास पेड़ के नीचे खड़े होकर जब वे गार्ड से बात कर रहे थे, तब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। नीचे बैठते समय वे बेसुध होकर मुंह के बल गिर पड़े। इसके बाद साथी उन्हें गाड़ी से अस्पताल ले गए और परिजनों को सूचना दी।
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अस्पताल में चिकित्सीय जांच और पुष्टि
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने ईसीजी और अन्य जांचों के बाद प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता गिरिराज ने कहा कि उनके बेटे को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, केवल मामूली सर्दी-जुकाम था। वे घर से पूरी तरह स्वस्थ निकले थे। प्रदीप अपने पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी शादी पांच साल पहले हुई थी। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।
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पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम
रानपुर पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक हरिओम ने बताया कि कार्यस्थल पर चक्कर आने से ठेकेदार की तबीयत बिगड़ी थी। शुरुआती तौर पर साइलेंट अटैक से मौत होना सामने आया है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मर्ग दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। जांच के बाद ही मौत के सही कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।