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राजस्थान: शादी के कार्ड के नाम पर साइबर ठगी का नया खेल, एपीके फाइल और फर्जी लिंक से खाली हो रहे बैंक खाते
Tue, 06 Oct 2026 02:56 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:56 PM IST
सार
शादी के सीजन में साइबर ठग शादी के कार्ड, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग वीडियो के नाम पर एपीके फाइल और फिशिंग लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस की साइबर टीम ने एडवाइजरी जारी कर अनजान एप, संदिग्ध फाइल और लिंक नहीं खोलने की अपील की है।
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साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद शातिर तरीका अपनाया है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शादी के सीजन में साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे सामने आने के बाद पुलिस की साइबर टीम ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी आजकल व्हाट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शादी के कार्ड, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग वीडियो के नाम पर खतरनाक एपीके फाइल तथा फिशिंग लिंक भेजकर लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान एप, संदिग्ध फाइल या फर्जी लिंक को न खोलें, अन्यथा आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है और आप वित्तीय ठगी के शिकार हो सकते हैं।
शादी के कार्ड के नाम पर फर्जी लिंक
साइबर ठग शादी के सीजन में ठगी के लिए नए-नए तरीके अपनाकर फिर से सक्रिय हो गए हैं। अपराधी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर शादी के निमंत्रण पत्र, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग वीडियो के नाम पर एपीके फाइल और फिशिंग लिंक भेजते हैं।
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जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसकी व्यक्तिगत जानकारी तुरंत हैकर के पास पहुंच जाती है। इससे लोग आसानी से ठगी का शिकार बन जाते हैं। पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध फोटो, वीडियो, एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
फर्जी वेबसाइट के जरिये बनाया जा रहा निशाना
कई मामलों में साइबर अपराधी फाइल भेजने की जगह फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। यह लिंक शादी के निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर तैयार किया जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट यूजर से मोबाइल नंबर, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी भरने के लिए कह सकती है। इसके अलावा कुछ मामलों में यूजर के मोबाइल में संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का प्रयास भी किया जा सकता है, जिससे मोबाइल का डेटा खतरे में पड़ जाता है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: पंचायत चुनाव की तारीखों में बदलाव, अब धनतेरस पर नहीं होगा मतदान; एक ही चरण में पूरी होगी वोटिंग
परिचितों के हैक नंबर से आ रहे संदेश
साइबर ठग किसी परिचित व्यक्ति का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उसके नाम से भी संदेश भेज सकते हैं। ठग संदेश में लिखते हैं, "भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं, मैं जल्दी में हूं।" परिचित के नंबर से मैसेज आने के कारण व्यक्ति बिना किसी जांच-परख या वैरिफाई किए उस लिंक या फाइल को तुरंत खोल लेता है। ऐसे में साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद निजी फोटो, पासवर्ड और बैंक विवरण सहित अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे उस मोबाइल में दर्ज सभी कॉन्टैक्ट नंबरों पर संदेश भेजकर अन्य लोगों से भी ठगी कर सकते हैं।
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पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान एप, संदिग्ध फाइल या फर्जी लिंक को न खोलें, अन्यथा आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है और आप वित्तीय ठगी के शिकार हो सकते हैं।
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शादी के कार्ड के नाम पर फर्जी लिंक
साइबर ठग शादी के सीजन में ठगी के लिए नए-नए तरीके अपनाकर फिर से सक्रिय हो गए हैं। अपराधी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर शादी के निमंत्रण पत्र, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग वीडियो के नाम पर एपीके फाइल और फिशिंग लिंक भेजते हैं।
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जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसकी व्यक्तिगत जानकारी तुरंत हैकर के पास पहुंच जाती है। इससे लोग आसानी से ठगी का शिकार बन जाते हैं। पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध फोटो, वीडियो, एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
फर्जी वेबसाइट के जरिये बनाया जा रहा निशाना
कई मामलों में साइबर अपराधी फाइल भेजने की जगह फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। यह लिंक शादी के निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर तैयार किया जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट यूजर से मोबाइल नंबर, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी भरने के लिए कह सकती है। इसके अलावा कुछ मामलों में यूजर के मोबाइल में संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का प्रयास भी किया जा सकता है, जिससे मोबाइल का डेटा खतरे में पड़ जाता है।
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परिचितों के हैक नंबर से आ रहे संदेश
साइबर ठग किसी परिचित व्यक्ति का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उसके नाम से भी संदेश भेज सकते हैं। ठग संदेश में लिखते हैं, "भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं, मैं जल्दी में हूं।" परिचित के नंबर से मैसेज आने के कारण व्यक्ति बिना किसी जांच-परख या वैरिफाई किए उस लिंक या फाइल को तुरंत खोल लेता है। ऐसे में साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद निजी फोटो, पासवर्ड और बैंक विवरण सहित अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे उस मोबाइल में दर्ज सभी कॉन्टैक्ट नंबरों पर संदेश भेजकर अन्य लोगों से भी ठगी कर सकते हैं।