केंद्र सरकार ने 31 जनवरी को शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। संसद के प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले होने वाली इस पारंपरिक बैठक में संसद के दोनों सदनों में सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है। वहीं, लीजबैक, दस फीसदी आबादी भूखंड और आबादी समेत अन्य मुद्दों को लेकर किसान आज प्राधिकरण पर हल्ला बोलेंगे। किसान राशन-पानी लेकर आएंगे और अपनी मांग पूरी कराने के बाद ही जाएंगे। इसके अलावा, उत्तर भारत में भीषण सर्दी और कोहरे के बीच सूरज की आंख मिचौली चल रही है। एक दिन चटक धूप खिल रही है तो उसके अगले दिन कोहरा कहर बरपा रहा है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर...
Top News: केंद्र की सर्वदलीय बैठक आज, नोएडा में हल्ला बोलेंगे किसान, उत्तर भारत में धूप-कोहरे की छुपन-छुपाई
बजट सत्र से पहले केंद्र की सर्वदलीय बैठक आज
केंद्र सरकार ने 31 जनवरी को शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। संसद के प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले होने वाली इस पारंपरिक बैठक में संसद के दोनों सदनों में सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है। सरकार की तरफ से इस बैठक में सत्र का एजेंडा विपक्ष के साथ साझा किया जाता है। इसके अलावा सदन में सुचारु कामकाज के लिए विपक्ष से सहयोग का अनुरोध किया जाता है। पढ़ें पूरी खबर
आज ग्रेनो प्राधिकरण पर लगेगा अन्नदाताओं का जमघट
लीजबैक, दस फीसदी आबादी भूखंड और आबादी समेत अन्य मुद्दों को लेकर किसान आज प्राधिकरण पर हल्ला बोलेंगे। किसान राशन-पानी लेकर आएंगे और अपनी मांग पूरी कराने के बाद ही जाएंगे। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन शासन को भेजकर प्राधिकरण ने कोई सुध नहीं ले रहा। जल्द ही चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाएगा। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब-हरियाणा से लेकर बिहार तक तीन दिन कोहरे का यलो अलर्ट
उत्तर भारत में भीषण सर्दी और कोहरे के बीच सूरज की आंख मिचौली चल रही है। एक दिन चटक धूप खिल रही है तो उसके अगले दिन कोहरा कहर बरपा रहा है। लगभग एक हफ्ते से यह देखने को मिल रहा है। रविवार को दिन में धुंध और कोहरे के बाद सोमवार को चटक धूप खिली। इससे बर्फीली ठंड से कुछ राहत तो मिली, लेकिन जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी से ज्यादातर इलाकों में गलन भरी ठंड महसूस की गई। पढ़ें पूरी खबर
कोई नहीं जानता कहां हैं हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तलाश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई जगह छापे मारे, लेकिन वह नहीं मिले। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि राज्य में अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। मुख्यमंत्री कहां हैं, यह किसी को नहीं मालूम है। मौजूदा हालात में किसी भी घटना की स्थिति में कानून-व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर