हरियाणवी संस्कृति से प्रभावित होकर जर्मनी की लड़की हरियाणा के छोरे को अपना दिल दे बैठी और बाद में कानूनन शादी (कोर्ट मैरिज) कर ली। इससे पहले दोनों के बीच दो साल तक दोस्ती रही। दोनों ने एक-दूसरे को समझा। लड़की को हरियाणा की सभ्यता पसंद आने लगी। एक साल पहले वह लड़के के परिवार से मिलने मुंडलाना आई। यहां दो सप्ताह तक रहकर हरियाणा के रहन सहन व परिजनों को जाना। यहां की संस्कृति परिवार से मिले प्रेम से प्रभावित होकर मुंडलाना के छोरे के साथ शादी करने का मन बना लिया। दोनों ने पांच महीने पहले कोर्ट मैरिज कर ली। हालांकि अभी दोनों परिवारों की तरफ से शादी का समारोह शेष है।
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हरियाणवी संस्कृति से संबंधित वीडियो देखकर मुंडलाना पहुंची और 5 महीने पहले की कोर्ट मैरिज की। लड़की के पिता को छुट्टी नहीं मिली तो शादी समारोह स्थगित किया।
गांव मुंडलाना निवासी सुमित ने मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद 3 साल तक अमेरिका की कंपनी में नौकरी की। नौकरी के दौरान सुमित का एमबीए के लिए जर्मनी के विश्वविद्यालय में चयन हो गया। सुमित एमबीए की पढ़ाई करने के लिए 3 साल पहले (बर्लिन) जर्मनी चला गया था। जहां सुमित की मुलाकात जर्मनी निवासी पीयामलीना से रेलवे स्टेशन पर हुई।
बातचीत के दौरान दोनों में दोस्ती हो गई और दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए थे। जिसके बाद दोनों में बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया और दोनों में नजदीकियां बढ़ती चली गईं। पीयामलीना सुमित के मोबाइल में हरियाणवी संस्कृति से संबंधित वीडियो देखती रहती थी, जिससे वह बेहद प्रभावित हुई।
पीयामलीना ने भारत आकर वहां की संस्कृति को देखने का मन बनाया और सुमित के साथ गांव में आने की बात कही। दोनों गत वर्ष गांव मुंडलाना आए। पीयामलीना दो सप्ताह तक सुमित के परिजनों के साथ रही। उसके बाद वापस जर्मनी लौट गई। हालांकि पिता हरिओम की बीमारी के चलते सुमित साथ नहीं जा सके और एक महीने से गांव में रहकर पिता की सेवा की।
दो सप्ताह तक मुंडलाना में रहकर पीयामलीना ने हरियाणवी संस्कृति को समझा। इस दौरान सुमित के परिजनों से मिले स्नेह और यहां के रहन-सहन व खान पान से प्रभावित होकर पीयामलीना ने सुमित से शादी करने की सहमति जताई। दोनों ने करीब 5 महीने पहले शादी कर ली। हालांकि दोनों ने कोर्ट मैरिज की है। दोनों ने योजना बनाई है कि दोनों परिवारों के एकत्रित होने पर ही वह शादी का समारोह करेंगे। पहले जर्मनी के चर्च में शादी की जाएगी, उसके बाद हरियाणा की रीति रिवाज के अनुसार शादी समारोह आयोजित किया जाएगा।
शादी के लिए पीयामलीना के पिता को नहीं मिला समय
पीयामलीना के पिता चीन स्थित जर्मनी दूतावास में काम कर रहे हैं। शादी होने के बाद वह जर्मनी आने के लिए अर्जी दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें जर्मनी जाने की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में पीयामलीना का कहना है कि उनके पिता के आने के बाद ही चर्च में शादी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उसके बाद हरियाणा में पहुंचकर हरियाणा की रीति रिवाज से शादी समारोह धूमधाम से मनाएंगे।
सेवानिवृत्त फौजी हैं सुमित के पिता
सुमित के पिता हरिओम फौज से सेवानिवृत्त हैं। सुमित घर में इकलौता बेटा है। सुमित की शादी को लेकर घर में खुशी की माहौल है। हरिओम का कहना है कि बच्चों की खुशी में ही उनकी खुशी है। शादी समारोह में पूरा परिवार जर्मनी जाएगा। वहां से लौटने के बाद गांव में भी धूमधाम से शादी समारोह आयोजित किया जाएगा।