पेरिस ओलंपिक क्वालिफायर के अपने पहले ही मौके पर एक चैंपियन सरीखा खेल दिखाकर ओलंपिक टिकट हासिल करने के बाद अब अमित पंघाल पेरिस में स्वर्णिम पंच जड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने हिमाचल में अपने प्रथम गुरु कोच अनिल धनखड़ के पास करीब एक माह अभ्यास किया है। उनसे जीत के गुर लेकर वह पेरिस में रिंग में उतरने वाले हैं। अमित के माता-पिता ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में ये बातें कही हैं।
रोहतक के छोटे से गांव मायना के किसान परिवार में जन्में अमित पंघाल टोक्यो ओलंपिक में हार से सीख लेकर पेरिस ओलंपिक के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अमित की मां उषा देवी ने बताया कि इस बार अमित ने पहले से ज्यादा मेहनत की है। बेटा अब तप-तप कर सोना बन चुका है। हमें ओलंपिक में गोल्ड की पूरी उम्मीद है।
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अमित पंघाल।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अमित के पिता विजेंद्र सिंह पंघाल ने कहा कि ओलंपिक में प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजों को हराने के लिए अमित का पूरा फोकस ट्रेनिंग पर है। टोक्यो की कमी को पेरिस में नहीं रहने दिया जाएगा। देश के लिए पदक जीतना लक्ष्य है। अमित ने हिमाचल में अभ्यास किया है। बेटा शुक्रवार देर रात वहां से लौटा है और अब पेरिस के लिए रवाना हो गया है।
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अमित पंघाल के जीते हुए कुछ पदक।
- फोटो : अमर उजाला
विजेंद्र सिंह ने बताया कि अमित ने कोच अनिल धनखड़ और उनके आर्मी के कोच के पास अभी अभ्यास किया है। अनिल धनखड़ के पास से ही अमित ने बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। अब इतने बड़े इवेंट से पहले भी वह अपने प्रथम गुरु के पास से ही जीत के गुर लेकर जाएंगे।
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अमित पंघाल।
- फोटो : X @BFI_official
हार से सीख लेकर आगे बढ़े, बड़े टूर्नामेंट्स में नहीं मिला मौका
अमित के पिता ने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है। टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद सभी ने अमित का हौसला बढ़ाया और अमित ने भी लगातार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा खेला। लेकिन, दो बड़े टूर्नामेंट्स एशियन गेम्स और वर्ल्ड क्वालीफाई चैंपियनशिप में अमित को अवसर नहीं दिया गया, जहां चयन ट्रॉयल के बजाय मूल्यांकन प्रणाली से किया गया था, लेकिन फिर उन्होंने हार नहीं मानी और जब देश के लिए क्वालीफाई करने का अंतिम मौका आया और अमित को उसमें मौका मिला तो अमित ने अच्छा खेल खेला और भारत के लिए ओलंपिक का टिकट हासिल किया।
ओलंपिक के बाद करेंगे अमित की शादी
मां उषा देवी ने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है कि बेटे का चयन देश के 117 खिलाड़ियों में हुआ है। मेहनत ही अमित के लिए सब कुछ है। अमित ने कभी भी मेहनत करने को संघर्ष नहीं माना। वहीं, अमित की शादी के सवाल पर कहा कि इस ओलंपिक के बाद बेटे की शादी करेंगे।
क्वालीफाई करने पर कोच को किया पहला फोन
मां ने कहा कि अमित ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई होने पर सबसे पहला फोन कोच अनिल धनखड़ को किया। इसके बाद उन्होंने अपने बड़े भाई अजय को जानकारी दी। अजय ने ही घर पर फोन करके ये खुशखबरी दी।