{"_id":"60545e218ebc3e59035464e5","slug":"dargah-of-worlds-first-kalandar-is-situated-at-panipat-of-haryana","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पानीपत : यहां है दुनिया के पहले कलंदर की दरगाह, एक रात में जिन्नों ने किया था निर्माण, जानें इसकी खासियतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानीपत : यहां है दुनिया के पहले कलंदर की दरगाह, एक रात में जिन्नों ने किया था निर्माण, जानें इसकी खासियतें
हरियाणा के पानीपत में बनी कलंदर पीर की दरगाह देश दुनिया में प्रसिद्ध है। पानीपत स्थित दरगाह पर 35 मुल्कों से लाखों जायरीन हर साल आते थे, लेकिन अब कोरोना के चलते आने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है। इस दरगाह की कई खासियतें हैं। कहा जाता है कि पूरी दुनिया में कुल ढाई कलंदर हैं, जिसमें से पहला नंबर पानीपत स्थित पीर का है। दूसरे नंबर पर पाकिस्तान में स्थित कलंदर साहब हैं और ईराक में महिला राबिया के नाम पर बसरी शहर में आधा कलंदर है। महिला के नाम पर होने की वजह से इसे आधा कलंदर माना जाता है। पानीपत स्थित दरगाह में एक हाली ओरिएंटल लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर भी है। इसमें हिंदी, उर्दू, इंग्लिश में पहली से लेकर बारहवीं तक की तकरीबन सभी किताबें मौजूद हैं। इस्लाम और कलंदर पीर पर रिसर्च करने के लिए देश विदेश से लोग यहां आते हैं। कई विश्वविद्यालय इस पर पीएचडी तक करवा रहे हैं। कलंदर पीर का पूरा नाम शाह शरफूदीन बू अली शाह कलंदर है। कलंदर पीर के अंदर बादशाह जहांगीर के वजीर नवाब मुकरबअली खां और उनके परिवार की मजार भी है।
2 of 5
बू अली शाह की दरगाह।
- फोटो : अमर उजाला
इस मजार पर मिस्र से जहरखुरानी पत्थर लगवाया गया है। माना जाता है कि भारत में यह ऐसा इकलौता पत्थर है, बाकी पत्थर अभी मिस्र में ही हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी इंसान को कोई भी जहरीला कीड़ा काट ले तो इस पत्थर का पानी उसे पिलाने से जहर का असर खत्म हो जाता है।
3 of 5
मौसम के पूर्वानुमान को बताने वाला पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
इसके चारों कोनों पर एक मौसम के पूर्वानुमान को बताने वाला पत्थर भी लगा है। बारिश से पहले ये पत्थर गीला हो जाता है। वहीं, आंधी तूफान से पहले ये पत्थर अपना रंग बदल लेता है। दरगाह के चारों तरफ का कटघरा चांदी से बना है। इसके दरवाजे भी चांदी के हैं, इन पर सोने के पानी से लिखावट की गई है। दरगाह के गुबंद पर शीशे से कुरान की आयतें लिखी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
बू अली शाह की दरगाह।
- फोटो : अमर उजाला
वक्फ बोर्ड के संपदा अधिकारी मोइनुद्दीन काजी ने बताया कि कलदंर पीर के मेन गेट पर कसौटी के पत्थरों के चार खंभे बनाए गए हैं। दावा है कि इन खंभों पर किसी भी प्रकार की धातु को रगड़ कर उसकी गुणवत्ता जांची जा सकती है। आम तौर इस पत्थर का एक छोटा सा टुकड़ा जौहरी सोने चांदी की परख करने के लिए रखते हैं, लेकिन यहां इसके चार खंभे इसे विशेष बनाते हैं।
विज्ञापन
5 of 5
बू अली शाह की दरगाह।
- फोटो : अमर उजाला
बू अली कलंदर शाह दरगाह के बारे में मान्यता है कि ये दरगाह साढ़े 700 साल पुरानी है। इसे जिन्नों ने एक रात में ही बनाया था। आज भी यहां जिन्नों के लगाए गए नायाब पत्थर मौजूद हैं। बताया जाता है कि जब जिन्न इस दरगाह को रात के समय बना रहे थे और इमारत लगभग बनकर तैयार होने वाली थी, तो सुबह उठकर शहर की किसी महिला ने हाथ से आटा पीसने वाली चक्की को चला दिया। चक्की की आवाज सुनकर जिन्न अपना काम अधूरा छोड़ कर चले गए थे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।