करनाल शहर से 15 किलोमीटर दूर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इंद्री के बड़ा गांव में रात 12 बजे से पानी भरना शुरू हुआ और सुबह तक सैकड़ों एकड़ खेत डूब गए। पानीपत लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल है। गढ़पुर टापू के पास टूटे तटबंध को प्रशासन बुधवार तक भी नहीं बना सका है, बुधवार समसपुर गांव के पास भी तटबंध में दरार आ गई। जिसकी वजह से समसपुर, मुस्सेपुर, करतारपुर और कलसौरा गांव जबरदस्त पानी भर गया। मुस्सेपुर और समसपुर में तो पानी घरों में घुस गया, कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं।
Haryana Flood Situation: करनाल के गांव समसपुर के तटबंध में दरार; 27 गांवों में पानी भरा, कई मकानों में दरारें
करनाल में करीब 27 गांवों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है, इनमें से 11 गांवों का शहर से संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। मुस्सेपुर और समसपुर में तो पानी घरों में घुस गया, कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
बाढ़ का पानी बढ़ने की संभावना
जिला प्रशासन ने बाढ़ के हालतों को देखते हुए जिले के 72 गांवों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। इनमें करनाल ब्लॉक के 20, कुंजपुरा ब्लॉक के 31 और घरौंडा ब्लाॅक के 22 गांव हैं। इन सभी गांवों में बाढ़ का पानी आने की संभावना है। एहतियात के तौर पर पंचायतों की तरफ से इन गांवों में निरंतर मुनादी कराई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि स्थिति से निपटने के लिए उनकी तैयारी मुकम्मल हैं। आमजन को भयग्रस्त होने की जरूरत नहीं है बल्कि सचेत रहें।
ब्लॉक करनाल के गांव
नलवी पार, शेखपुर सुहाना, रसूलपुर खर्द, रांवर, छपरा खेड़ा, डबरकीपार, रसूलपुर कलां, चुंडीपुर, डाकवाला गुजरान, डाकवाला रोड़ान, मुस्तफाबाद, मीरगैन, नगला फार्म, नसीरपुर, सुभरी, शरफाबाद, दिलावरा, मोहिदीनपुर, गंजोगड़ी और उंचा समाना
ब्लॉक कुंजपुरा के गांव
डबकौली खुर्द, बड़ा गांव, नेवल, मैनमती, कलवेहड़ी, रिंडल, सलारपुरा, लंडौरा, माखु माजरा, नबियाबाद, जपती छपरा, सैयद छपरा, हलवाना, नागल, कमालपुर गडरियान, डेरा हलवाना, नगला रोडान, चांद समंद, कुंजपुरा, मैहमदपुर, खराजपुर, जडौली, नबीपुर, बजीदपुर, कुंडा कला, नलवी खुर्द, नलवी कला, डबकौली कला, चैरपुरा, मुगलमाजरा और घीड़
ब्लॉक घरौंडा के गांव
अमृतपुर कलां, अमृतपुर खुर्द, कुटेल, मुबारकाबाद, फेजअलीपुर माजरा, चैरा खालसा, बसी अकबरपुर, मलीकपुर, गढ़ी खजूर, प्रेमनगर, मुंडीगड़ी, सदरपुर, भरतपुर, पीर बड़ौली, लालुपुरा, दारूलामा ततारपुर, बलहेड़ा, बरसत, फरीदपुर, गढ़ीभरल, देवीपुर और कैरवाली
मकान जर्जर हैं तो जोखिम न उठाएं
जिन गांवों में बाढ़ आने की संभावना है, अगर उन क्षेत्रों में रह रहे लोगों के मकान जर्जर हैं तो जोखिम नहीं उठाएं। तत्काल जिला प्रशासन की टीम को इसकी सूचना दें और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।
अधिकारी के अनुसार
जिन इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है या जिन इलाकों में पानी आने की संभावना है, वहां आमजन डर या भय की स्थिति न बनाएं। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन से संपर्क करें। जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य कर रही हैं। आमजन जिला प्रशासन से पूर्ण सहयोग करें। - अनीश यादव, उपायुक्त।