हरियाणा के कैथल जिले के छोटे से गांव नरड़ निवासी गुरमेल का नाम इस समय कुख्यात बदमाशों के नाम में शामिल हो चुका है। शनिवार रात को एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में शामिल आरोपी थोड़े से समय में ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया है। जब वर्ष 2019 में आरोपी गुरमेल दोस्त के भाई की हत्या में शामिल हुआ तो सुर्खियों में आने के बाद लॉरेंस बिश्नोई ने इससे संपर्क साधा और अपना सदस्य बना लिया।
Haryana: कैसे अपराध की दुनिया से जुड़ा गुरमेल, दादी ने की बड़ी बात, बोलीं- हमारे लिए तो वो मरा हुआ है...
पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में कैथल के युवक का नाम सामने आया है। कैसे वह इस जुर्म की दुनिया में आगे बढ़ा, जानिए पूरी कहानी।
आरोपी गुरमेल की दादी ने बताया कि गुरमेल हमारे लिए मर चुका है और हम उसके लिए मर चुके हैं। हम तो उसे 10-11 साल पहले परिवार से बेदखल कर चुके हैं। वह तीन चार महीने से घर नहीं आया है। हमें नहीं पता कि वो कहां पर गया है। वह हमें कुछ बता कर थोड़े ही गया है। जब वो घर आया था, वो उससे नहीं मिली। वो तब कूड़ा डालने के लिए गई हुई थी। न तो हमारे पास उसका कोई फोन नंबर है, न ही वो कभी हमें फोन करता है। मैं अपने 12-13 साल के पोते के साथ रहती हूं।
गुरमेल का नाम 2019 में उस वक्त सुर्खियों में आया जब उसने अपने गांव नरड़ में सुनील नाम के युवक की हत्या कर दी थी। 31 मई 2019 को, उसने कैथल के श्री ग्यारह रुद्री मंदिर के पास अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक की बर्फ के सुए से 52 वार करके हत्या की थी। इस घटना के बाद वह जेल गया, जहां गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों ने उनसे संपर्क किया। जमानत पर बाहर आने के बाद वह मुंबई चला गया, जहां उसकी आपराधिक गतिविधियों में तेजी आई।
हरियाणा पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गुरमेल जेल में रहते हुए लॉरेंस गैंग के अन्य सदस्यों से भी संपर्क में आया था। उसके बाद जब वह जमानत पर बाहर आया तो उसे लॉरेंस गैंग के गुर्गों ने मुंबई बुलाया। इस तरह वह धीरे-धीरे इस खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
गुरमेल और करनैल का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरमेल ने अपने साथी करनैल के साथ मिलकर बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी की थी। करनैल, जो पिछले डेढ़ से दो महीने से मुंबई में था, बाबा सिद्दीकी पर नजर रख रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, करनैल के माता-पिता की मौत हो चुकी है, और वह करीब छह महीने पहले गांव आया था, लेकिन उसके बाद से वह फिर नहीं लौटा। यह इस बात को दर्शाता है कि कैसे छोटे गांवों के युवक अपराध की दुनिया में खींचे जा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने गुरमेल और करनैल की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक विशेष टीम बनाई है। सूत्रों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2019 में युवक की हत्या मामले में आरोपी गुरमेल कैथल जेल में बंद रहा। 25 मार्च 2022 को जेल में उसके पास फोन मिला था और उसके खिलाफ सिटी थाना में दूसरा केस दर्ज हुआ था। इस केस में सोनीपत और करनाल के युवकों का भी नाम था।
गुरमेल को हत्या मामले में सात जुलाई 2023 को हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी। जमानत के बाद वह न तो घर आया और न ही दोबारा पेशी पर गया। उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ है।
12 अगस्त 2024 को गांव सेगा निवासी युवक से मारपीट के आरोप में गुरमेल के विरुद्ध तितरम थाना में तीसरा केस दर्ज हुआ था। जमानत के बाद कहां रहा, नहीं जानकारी हत्या के मामले में गुरमेल की जमानत किसने करवाई, इसको लेकर भी कोई जानकारी नहीं है। साल 2020-21 में कैथल जेल में पंजाब का कोई गैंगस्टर आया था। पुलिस आशंका जता रही है कि गुरमेल उसी समय लारेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया होगा। जमानत के बाद भी वह कहां रहा, किसी को कोई पता नहीं है।
पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया का कहना है कि पुलिस स्थानीय स्तर पर गुरमेल के बारे में जानकारी जुटा रही है। अगर मुंबई पुलिस जांच के लिए यहां आती है तो उसका पूरा सहयोग किया जाएगा।