हरियाणा के जींद जिले के धनौरी गांव में मंगलवार रात एक ही परिवार के तीन लोगों द्वारा आत्महत्या करने के मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरने से पहले 48 वर्षीय ओमप्रकाश, उसकी 45 वर्षीय पत्नी कमलेश व 20 वर्षीय बेटे सोनू ने पुलिस पर कई सवाल उठाए हैं। इसके अलावा सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं, मेरे माता-पित कातिल नहीं है। न ही हमें पता है कि ननू का मर्डर किसने किया है। वहीं परिजनों ने थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर तीनों शव गढ़ी थाना के बाहर रख दिए और जींद-खनौरी मार्ग को जाम कर दिया। सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो में परिवार के लोग पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं परिजनों इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर में गढ़ी थाना प्रभारी का नाम भी शामिल करने की मांग की है। इसको लेकर परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया। मरने वाले परिवार के सभी लोगों ने कहा है कि ननू की हत्या के मामले में पूरे गांवव उनकी गली ने उनका साथ छोड़ दिया। लोग उन्हें शक की नजर से देखते हैं। ऐसे में उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला लिया है। घटना से जहां लोग स्तब्ध हैं, वहीं पुलिस पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
मां-पिता और बेटे ने लगाया फंदा: आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, बोले- हम कातिल नहीं, झूठे केस में फंसाया गया, मेरी गाय का रखना ख्याल
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रात भर जिंदगी व मौत के चुनाव पशोपस में रहा ओमप्रकाश का परिवार
मरने से पहले ओमप्रकाश के बेटे सोनू द्वारा करीब चार साढ़े चार मिनट की सात वीडियो फेसबुक पर डाली गई हैं। यह वीडियो रात करीब साढ़े तीन बजे डाली गई हैं। इससे साफ है कि परिवार रात भर सोया नहीं और जिंदगी व मौत के चुनाव में जगता रहा। आखिरकार करीब चार बजे परिवार ने प्रताड़ना से तंग आकर मौत का चुनाव किया।
पूरा परिवार हो गया समाप्त
घटना में ओमप्रकाश का पूरा परिवार समाप्त हो गया। ओमप्रकाश के साले फतेहाबाद जिले के जांडली खुर्द गांव निवासी रामकिशन ने बताया कि घर में उनका जीजा ओमप्रकाश, उनकी बहन कमलेश व भांजा सोनू ही थे। इसके अलावा रामकिशन का आरोप है कि तीनों की हत्या कर शव फंदे पर लटकाए गए हैं। रामकिशन का कहना है कि उसके दूसरे जीजा बलराज की भी हत्या की गई थी।
कमलेश को भी ले जाया गया थाने
कमलेश के भाई जांडली खुर्द गांव निवासी रामकिशन ने बताया कि पुलिस ने उसके भांजे सोनू को काफी प्रताड़ित किया। इसके अलावा उसकी बहन कमलेश को भी थाने ले जाया गया। इससे परिवार आहत था।
मंगलवार रात को भी हुआ घर पर हमला
सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो में सोनू बता रहा है कि रात को करीब आठ बजे भी उनके दरवाजे पर हमला हुआ। इस पर उसने पुलिस को फोन किया। गढ़ी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई करने की बजाये उसको ही धमकाया।
मरने से पहले किया शराब का सेवन
वीडियो में सोनू कह रहा है कि उसने पूरे ब्यान बिना शराब पीये दिए हैं और अब वह शराब पी चुका है। सोनू कहता है कि उसकी मजबूरी है। बिना शराब पीए वह यह कदम नहीं उठा सकता।
मेरी गाय का रखना ख्याल
सोनू ने एक वीडियो अपनी गाय के साथ भी डाली है। इसमें वह ग्रामीणों व अपनी गली के लोगों से अपील कर रहा है कि उन्होंने उसके साथ जो किया, वह किया, लेकिन उनके बाद गाय का ख्याल जरूर रख लेना।
हां परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अभी ऐसे कोई भी तथ्य सामने नहीं आए हैं। सुसाइड नोट व वीडियो के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। -कुलदीप सिंह, एएसपी, नरवाना।