हरियाणावासी ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनाव के मुकाबले पंच और सरपंच चुनने में अधिक रूचि दिखा रहे हैं। दूसरे चरण के 9 जिलों में शनिवार को 81.1 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। छिटपुट हिंसक घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। अंबाला, चरखी दादरी, गुरुग्राम, करनाल, कुुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत में कुल 12519 सीटों पर 35229 उम्मीदवार के लिए वोट पड़े। इनमें कुछ जगहों पर चुनाव परिणाम काफी दिलचस्प रहे। कहीं एक वोट से जीत दर्ज की गई तो कहीं जीत का अंतर रिकॉर्ड रहा। कहीं सर्वसम्मति से चुने गए प्रत्याशियों को बाद में पर्चा भरे प्रत्याशियों ने हरा दिया।
Haryana Panchayat Election: एक तो कोई दो मत से जीता, कहीं बना रिकॉर्ड, दिखी नारी शक्ति, पढ़ें दिलचस्प नतीजे
अंबाला, चरखी दादरी, गुरुग्राम, करनाल, कुुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत में कुल 12519 सीटों पर 35229 उम्मीदवार के लिए वोट पड़े। इनमें कुछ जगहों पर चुनाव परिणाम काफी दिलचस्प रहे। कहीं एक वोट से जीत दर्ज की गई तो कहीं जीत का अंतर रिकॉर्ड रहा।
गढ़ी सिसाना में एक वोट से जीतीं कविता
सोनीपत जिले में खरखौदा खंड के गांव गढ़ी सिसाना में शनिवार को सरपंच के लिए प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर हुई। देर शाम तक चली मतगणना के बाद सरपंच प्रत्याशी कविता एक वोट से जीतीं। कई दौर की मतगणना के बाद विवाद बढ़ने पर पोलिंग पार्टी ने पोलिंग कक्ष को बंद कर लिया और प्रशासन को मामले की सूचना दी।
पोलिंग पार्टी की तरफ से प्रत्याशियों को हस्ताक्षर करने की बात कही तो एक वोट से हार रहीं राजी देवी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पोलिंग बूथ के बाहर एकत्रित रहे। एएसपी डॉ. मयंक गुप्ता व थाना प्रभारी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद आला अधिकारियों की मौजूदगी में कविता को विजयी घोषित किया गया।
रोहतक के खरकड़ा भिखलान से सबसे कम 8 वोटों से राजीव विजयी
खरकड़ा भिखलान पंचायत से राजीव ने सबसे कम 8 वोटों से जीत दर्ज की। जबकि सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले मोखरा खांडयान छाज्यान से नीटू मलिक रहे।
दिखी नारी शक्ति, महिलाओं की प्रत्याशी ने दर्ज की जीत
सोनीपत के गांव रिढाऊ में आखिर नारी शक्ति ने जीत दर्ज की। गांव में सर्वसम्मति से एक महिला को सरपंच चुना गया था, जिसे लेकर गांव की महिलाओं ने विरोध जताया था। नारी शक्ति ने पंचायत कर राखी को अपना प्रत्याशी बनाया था। महिला पंचायत से चर्चा में आए गांव रिढाऊ में प्रत्याशी रही राखी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने गांव में सरपंच महिला वर्ग में आने के बावजूद महिलाओं से बिना पूछे फैसला लिए जाने की बात कही थी। लेकिन इस पर भी पूरा गांव एकमत नहीं हुआ था। जिसके बाद सभी को चुनाव मैदान में उतरने की छूट दे दी थी। कई प्रत्याशियों द्वारा चुनाव मैदान में ताल ठोकी गई थी। अब महिला पंचायत में प्रत्याशी बनाई गई राखी ने इस चुनाव में 366 वोट से दर्ज की है।
दो मतों से प्रतिद्वंद्वी को हरा तीसरी बार बने सरपंच
कुंजपुरा। खंड कुंजपुरा के गांव जयरामपुरा में मनोज सेतिया को लगातार तीसरी बार सरपंच पद का ताज मिला है। उन्होंने अपने निकट प्रतिद्वंदद्वी को मात्र दो मतों से हराकर विजयश्री हासिल की। इससे पूर्व चुनाव में उन्होंने 100 वोटों से जीत हासिल की थी। उससे पूर्व भी दो वोटों से ही गांव के सरपंच बने थे। बीते दो दशक से खंड कुंजपुरा में मनोज सेतिया एक मात्र ऐसे सरपंच हैं, जिन्होंने लगातार तीन बार सरपंच पद पर फतह हासिल की है। यह भी संयोग रहा कि तीन बार के चुनाव में उन्हें दो बार दो मतों से जीत मिली।
ब्रास में दो और फाजिलपुर में आठ वोट से बने सरपंच
करनाल के गांव फाजिलपुर से कड़े मुकाबले के बीच रीना 8 वोट से जीतकर सरपंच बनी हैं। कैहरवां ग्राम पंचायत से मास्टर नत्थूलाल ने सात मतों से जीत हासिल की। वहीं सौकड़ा गांव से भूपेंद्र सिंह लाड़ी कांटे की टक्कर के साथ गांव के सरपंच चुने गए हैं। गांव फाजिलपुर से रीना को 271 वोट मिले जबकि सिवानी को 263 प्राप्त हुए हैं। रीना की जीत के बाद समर्थकों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। इधर, बरना गांव में सुमन देवी ने 19 वोटों से जीत दर्ज की। ब्रास में दो वोट से ऊषा रानी जीती। बहलोलपुर में अंग्रेज 35 वोट से, चकदा में रोमी चकदा 31 वोट से जीते। पुंडरक में नरेश कुमार 60 वोटों से विजेता घोषित किए गए। ब्यूरो
अंबाला के गांवों में भी रोचक मुकाबले
अंबाला में परिणामों में जहां गांव रुकड़ी में संतोष और गांव सरकपुर से सुशील सैनी ने महज पांच मत से जीत हासिल की तो गांव मिल्कशेखां में भी मुकाबला रोचक रहा जहां रजिंद्र सिंह ने महज सात वोटों से जीत हासिल की। इसके अलावा खान अहमदपुर में भी महज 7 वोट से शरणजीत कौर ने सरपंच पद की दावेदारी जीती। गांव मुलाना के प्रवीण कुमार ने रिकॉर्ड तोड़ 2065 वोट से जीत हासिल की। इस गांव में कुल 7,879 वोट डली थी। गांव सुबरी से अनिल कुमार ने 540 वोट से जीत हासिल की। गांव कंबास से पूजा रानी ने 156 वोट, गांव हमीदपुर से अनीता ने 33 वोट से, अधोया मुस्लमान में विनयरानी ने 550 वोट से, गांव अधोया हिंदूआन से कुलदीप ने 114 वोट, जिसमें से प्रवीण कुमार को 3,346 वोट डली, जबकि मानसिंह को 1291 वोट डली, विनोद कुमार को 1125 और सुमित कुमार को 65 वोट डली। यह पंचायत बराड़ा ब्लॉक की सबसे बड़ी पंचायत है।
मांढी पिरानु में एक वोट से जीती प्रत्याशी
चरखी दादरी जिले के मांढी पिरानू में अनीता ने सरपंची अपने नाम की। अनीता ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से एक वोट ज्यादा हासिल किया। इसी प्रकार बिलावल में सुदेश कुमारी 2 वोट से जीत दर्ज कर सरपंच बनी। आर्य नगर में संदीप 12 वोट से जीत दर्ज कर सरपंच बने तो वहीं सिरसली में अनीता ने भी इतने ही अंतर से जीत हासिल की। खबर लिखे जाने तक ये ही रोचक चुनावी परिणाम सामने आए थे।
ब्राह्मण बाहुल्य ककराना में साढ़े 76 प्रतिशत वोट लेकर राकेश वाल्मीकि बने सरपंच
रोहतक में ब्राह्मण बाहुल्य गांव ककराना ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। गांव में सरपंच पद के चुनाव में राकेश वाल्मीकि ने रिकॉर्ड 76 प्रतिशत (1498 में से 1146) वोट हासिल कर जिले में सबसे बड़ी जीत हासिल की है। जीत का आलम यह रहा कि पांच विरोधी प्रत्याशियों में से केवल एक प्रत्याशी शिवनारायण ही 141 मत हासिल कर सके। बाकी चार प्रत्याशी तीन अंक का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
गांव के समाजसेवी रामबीर ककराना ने बताया कि गांव ब्राह्मण बाहुल्य है, लेकिन पहली बार सरपंच का पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। साथ ही पंच के दो वार्ड भी आरक्षित हैं। गांव में सात पंच सर्वसम्मति से चुने गए थे। जबकि सरपंच पद के लिए छह प्रत्याशी मैदान में थे। इसमें राकेश वाल्मीकि, रमेश रंगा, महाबीर रंगा, देवेंद्र रंगा व विक्रम राठी शामिल हैं, लेकिन गांव के अंदर राकेश वाल्मीकि के हक में सकारात्मक माहौल बना हुआ था। क्योंकि वे लंबे समय से ग्रामीणों के बीच, उनके दुख-सुख में शामिल रहे। शनिवार को हुए चुनाव में 2200 के करीब वोटों में से 1498 वोट पोल की गई, जिसमें से राकेश वाल्मीकि ने 1146, शिवनारायण ने 141, रमेश रंगा ने 82, महाबीर रंगा ने 58, देवेंद्र रंगा ने 46 व विक्रम राठी को 21 वोट मिली।
डबवाली के गंगा गांव में सर्वसम्मति बनाने को लेकर कई दफा बैठकें हुई। सभी ग्रामीणों ने गांव के ही पवन उर्फ बिट्टू को सर्वसम्मति से सरपंच चुनने का निर्णय लिया। ऐसे में गांव के ही हरचरण सिंह बराड़ ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया । जिसके पश्चात ग्रामीणों ने मिलकर पवन का नामांकन दाखिल करवा उसे उम्मीदवार ठहराया। जिसके बाद शनिवार को नतीजे चौंकाने वाले सामने आए। गांव का सर्वसम्मति से चुने गए पवन कुमार को हार का सामना करना पड़ा । हरचरण सिंह बराड़ 923 मतों से जीत गया।
सर्वसम्मति से सरपंच बनी थी शालू, चुनाव हुआ तो इंद्रजीत कौर को मिली चौधर
पिपली खंड के गांव शंकर कालोनी में पहली बार ग्राम पंचायत के चुनाव हुए, जहां शनिवार को हुए चुनाव में 25 वोटों से शालू को हराते हुए इंद्रजीत कौर विजेता बनीं। जानकारी के अनुसार गांव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के दौरान ही सर्वसम्मति से शालू को सरंपच चुन लिया गया था। बाद में सर्वसम्मति टूट गई और इंद्रजीत कौर ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। देर रात चुनाव परिणाम में इंद्रजीत कौर ने सरपंच पद के चुनाव में जीत हासिल की।