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Accident: नींद की झपकी ने सात लोगों की ले ली जान, दुखद सूचना के बाद बंद हो गए नारनौंद के बाजार, बिखर गया परिवार

Wed, 25 May 2022 01:50 AM IST
भूपेंद्र सिंह जय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौंद, हिसार/जींद (हरियाणा)
जय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौंद, हिसार/जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 25 May 2022 01:50 AM IST
सार

एक ही चिता में अंतिम संस्कार किया गया। 70 वर्षीय धन्ना का अलग चिता में अंतिम संस्कार किया गया है। अंतिम संस्कार के दौरान ही वीरभान के दूसरे बेटे 15 वर्षीय आयुष उर्फ आशु की मौत की भी सूचना पहुंच गई।

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Seven people of Narnaund killed in road accident in Jind of Haryana
जींद में हादसे में सात लोगों की मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हिसार के नारनौंद जिले के वार्ड नंबर दो के रहने वाले प्यारेलाल के परिवार के लिए मंगल का दिन अमंगलकारी साबित हुआ। प्यारेलाल की अस्थियां विसर्जित कर घर लौट रहे उनके परिवार के 7 सदस्यों की जींद में हादसे में मौत हो गई। प्यारेलाल की पत्नी, एक बेटे, दो पौत्र सहित परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 16 लोग घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे ने नारनौंद कस्बे के लोगों को स्तब्ध कर दिया। हादसे की सूचना के बाद दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया। 


 

दोपहर एक साथ इन शवों को देखकर हर किसी की आंख से आंसू छलक आए। घायलों के अनुसार वह जाते समय हरिद्वार के लिए जींद से पानीपत होते हुए गए थे। आते समय जब वे पानीपत पहुंचे तो कुछ लोगों ने कहा कि यह रास्ता खराब है, इसलिए अब जाते समय करनाल होकर चलेंगे। जब वह करनाल से जींद होते हुए नारनौंद आ रहे थे तो कंडेला के पास यह हादसा हो गया। 
 

बेटे को नींद आने की वजह से पिता ने संभाला था पिकअप का स्टीयरिंग
पिकअप चालक की नींद की झपकी ने सात लोगों की जान ले ली। हरिद्वार से घर के मुखिया की अस्थियां गंगा में विसृजित कर लौट रहे परिवार को ये बहुत भारी पड़ी। हरिद्वार से पिकअप चलाकर ला रहे शेखर को रास्ते में नींद आने की वजह से उसके कहने पर ही शेखर के पिता सुरेश ने पिकअप का स्टीयरिंग संभाला था और कुछ देर बाद ही ये हादसा हो गया।

Seven people of Narnaund killed in road accident in Jind of Haryana
नारनौंद में शव पहुंचने पर उमड़ी लोगों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पूरा बाजार बंद 
घटना की सूचना मिलते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई । दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों के शटर बंद करके परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पर पहुंच गए। कुछ ही देर में शहर का पूरा बाजार बंद हो गया। 

छीन लिया दोनों बेटों का सहारा
हादसे में घायल वीरभान से 12 वर्षीय बेटे अंकुश व 15 वर्षीय आयुष उर्फ आशु का सहारा छीन लिया। उसकी पत्नी सोनकली घर पर ही रह गई थी। वह अपने दोनों बेटों के साथ हरिद्वार के लिए गया था।

एक चिता में चार लोगों का अंतिम संस्कार
मृतक पत्नी 65 वर्षीय सूरजी देवी, बेटा 45 वर्षिय शीशपाल, पुत्रवधु 45 वर्षिय चन्नो व पौत्र 12 वर्षिय अंकुश का एक ही चिता में अंतिम संस्कार किया गया। 70 वर्षीय धन्ना का अलग चिता में अंतिम संस्कार किया गया है। अंतिम संस्कार के दौरान ही वीरभान के दूसरे बेटे 15 वर्षीय आयुष उर्फ आशु की मौत की भी सूचना पहुंच गई। उसके शव का पोस्टमार्टम बुधवार को रोहतक पीजीआई में किया जाएगा। जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार बुधवार को होगा। 

हादसे में मृतक व घायलों की सूची
हादसे में प्यारेलाल के बड़े बेटा सुरेश घायल हो गया। सुरेश का बेटा शेखर, बेटी शीतल घायल हो गई। सुरेश की पत्नी चन्नो की मौत हो गई। दूसरे बेटे शीशपाल की मौत हो गई । शीशपाल की बेटी अंजली, बेटे विनय और विक्की घायल हो गए। तीसरे बेटे बीरभान घायल हो गए। वीरभान के दोनों बेटों अंकुश व आयुष की हादसे में मौत हो गई। वीरभान की बेटी अनिशा गम्भीर रूप से घायल हो गई। चौथे बेटे सुरेंद्र उसकी पत्नी बाला, बेटे विवेक, बेटी नैना, पलक व दीपिका घायल हो गई। सबसे छोटा पांचवां बेटा रामपाल घायल है। प्यारेलाल की बेटी संतोष भी हादसे में घायल हो गई।

Seven people of Narnaund killed in road accident in Jind of Haryana
अस्पताल में विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

भाई के अंतिम संस्कार के लिए पंजाब से आया था अर्जुन
पंजाब के मोगा के रहने वाले 60 वर्षीय अर्जुन अपने चचेरे भाई प्यारेलाल के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 21 मई को नारनौंद में आया था। परिवार वालों के कहने पर वह यहीं पर रुक गया। प्यारेलाल के परिवार वालों के कहने पर हरिद्वार जाने के लिए भी तैयार हो गया। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव मोगा में ही ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया है।

मना कर रहा था धन्ना, मौत खींच ले गई 
70 वर्षीय धन्ना हरिद्वार जाने के लिए मना कर रहा था कि उसके पैरों में बहुत ज्यादा दर्द है और उससे इतने लंबे समय तक बैठा नहीं जाएगा, लेकिन प्यारेलाल के परिजनों के कहने पर वह मना नहीं कर सका और उनके साथ गाड़ी में बैठ गया। हादसे में उसकी भी मौत हो गई।

हरिद्वार से पिकप चलाकर लाया था शेखर, रास्ते में नींद आने पर पिता सुरेश को दे दिया था

हादसे में घायलों से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार से पिकअप को शेखर चला रहा था, लेकिन पानीपत के नजदीक आने के बाद उसको नींद आने लगी। उसने अपने  पिता सुरेश से कहा कि उसे नींद आ रही है, इसलिए शेखर ने अपने पिता से गाड़ी चलाने को कहा। इसके बाद सुरेश पिकप को आगे लेकर बढ़ा। पहले तो पानीपत से सीधा जींद आने की बात हुई थी लेकिन जींद-पानीपत रोड पर अधिक गड्ढे होने के कारण परिवार के सदस्यों ने पानीपत से करनाल वाया जींद लौटना बेहतर समझा। बताया जा रहा है कि सफर लंबा होने के कारण कंडेला के पास आने पर सुरेश को भी नींद की झपकी आ गई और गाड़ी अनियंत्रित हो गई। इसके चलते सामने से आ रहे के ंटर में सीधी टक्कर होने से परिवार के छह सदस्यों समेत सात की मौत हो गई जबकि 16 गंभीर रुप से घायल हो गए।

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Seven people of Narnaund killed in road accident in Jind of Haryana
अस्पताल में भर्ती घायल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सड़क में गड्ढों की वजह से बदल लिया रास्ता
नारनौद निवासी सुरेश और शीशपाल का परिवार अपने पिता प्यारेलाल की शनिवार को हुई मौत के बाद अस्थियां विसर्जित करने के बाद सोमवार रात को करीब दस बजे हरिद्वार से चले थे। जहां पर पानीपत से जींद आने वाला रास्ते पर गड्ढे होने के चलते वह गाड़ी को करनाल ले गए और वहां से असंध से होते हुए जींद की तरफ आ रहे थे। कंडेला में लक्ष्य मिल्क प्लांट के पास ये हादसा हो गया।

अनियंत्रित कैंटर
इस दौरान सामने आ रहे ट्रक चालक की नजर अनियंत्रित हुई गाड़ी पर पड़ी और उसने हार्न भी बजाया, लेकिन उसके बाद भी जब पिकअप नियंत्रित नहीं हुई तो उसने साइड में ट्रक को खड़ा कर लिया लेकिन इसके बाद भी पिकप ने सीधे इसमें टक्कर मार दी।

राहगीरों ने दी डायल 112 को सूचना
हादसा होते ही राहगीरों ने डायल112 को सूचित किया। आसपास के ग्रामीण भी चीख पुकार सुनकर पहुंच गए थे। जहां से गाड़ी में फंसे लोगों को आसपास के लोगों की सहायता से नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया।

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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

तीन वर्ष पहले हुए हादसे की याद दिलाई
तीन वर्ष पहले भी फौज की भर्ती में शामिल होकर हिसार से लौट रहे ऑटो सवार दस युवकों की ईक्कस-रामराय रोड पर ट्रक की टक्कर लगने से मौत हो गई थी। यह हादसा 25 सितबंर 2019 की रात को लगभग दस बजे हुआ था। इसमें सभी युवक ट्राले के नीचे दब गए थे। जिसमें भड़ताना गांव निवासी संजय, बुराडेहर गांव निवासी मंगल व रोबिन, पाजू कलां निवासी सगे भाई दीपक व संजय, रामराय निवासी भारत, धड़ौली निवासी सुमित, पिल्लूखेड़ा निवासी अमित और जींद के हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रवीण की मौत हो गई थी। 

गाड़ी चलाते यातायात नियमों की करें पालना
गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। गाड़ी को कभी भी नशा करके न चलाएं, नींद आने पर गाड़ी को रोक देना चाहिए, सीट बेल्ट का प्रयोग करें, कैपेसिटी से ज्यादा सवारी न बैठाएं, तीन से चार घंटे की ड्राइविंग के बाद रुककर चाय या पानी पीकर फ्रेश हो, पूरी रात गाड़ी चलाने से बचें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और अपने सफर को सुरक्षित बनाया जा सके। -शमशेर सिंह ट्रैफिक इंस्पेक्टर सिटी जींद।

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