हरियाणा के हिसार के मंगाली गांव निवासी गैंगस्टर संदीप बिश्नोई की हत्या साजिश के तहत की गई। फतेहाबाद जिले के भूना के सुनील पंडित को पता था कि संदीप बिश्नोई अपने कुछ साथियों के साथ 19 सितंबर को नागौर कोर्ट में पेशी पर जाएगा। इस पर वह करीब 400 किलोमीटर दूर बाइक से गया और वारदात को अंजाम दिया।
13 साल बाद सुनील पंडित ने अपनी बहन की चूड़ी तोड़ने की रस्म पर खाई गई कसम को पूरा किया। यह खुलासा नागौर पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन शूटरों भूना के सुनील पंडित, जितेंद्र कुुमार और हिसार के संदीप लांबा ने किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
वर्ष 2009 में आरोपी सुनील पंडित के जीजा की हुई थी हत्या
नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि फतेहाबाद जिले के भूना निवासी शूटर सुनील पंडित पंजाब में रह रहा था। गैंगस्टर संदीप बिश्नोई की हत्या का मुख्य आरोपी सुनील पंडित के जीजा संजय कौशिक की हत्या वर्ष 2009 में की थी। हत्या का आरोप संदीप बिश्नोई पर लगा था।
तीन बहनों में से एक के विधवा होने पर उसकी चूड़ी तोड़ने की रस्म के दौरान सुनील ने संदीप की हत्या करने की कसम खाई थी। उस कसम को पूरा करने के लिए दीप्ति गैंग में शामिल हुआ। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि वारदात में इस्तेमाल बाइक फतेहाबाद के रहने वाले जितेंद्र के नाम से खरीदी गई है।
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गैंगस्टर संदीप की हत्या कर इस तरह भागे बदमाश।
- फोटो : सोशल मीडिया
ई-कोर्ट एप के जरिये लगाते थे पेशी का पता
नागौर पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि भूना निवासी बदमाश सुनील पंडित ने हिसार में बैठकर संदीप बिश्नोई की हत्या की साजिश रची थी। उस समय दीपक उर्फ दीप्ति, अनिल उर्फ छोटिया और पांच-सात अन्य मौजूद थे। इसमें संदीप की रेकी करने का जिम्मा सुनील उर्फ पंडित ने लिया, तब से सुनील और दीप्ति गैंग संदीप को मारने की फिराक में था।
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सड़क पर पड़े खाली खोखे।
- फोटो : सोशल मीडिया
दीप्ति गैंग के सदस्यों ने हिसार, दिल्ली, गुरुग्राम, झुंझुनू, भीलवाड़ा, जोधपुर आदि कोर्ट में ट्रायल के दौरान संदीप बिश्नोई की पेशी की रेकी करने लगे। ई कोर्ट एप के जरिये संदीप की अदालत में पेशी मालूम कर उसे ठिकाने लगाने की जुगत में लगे रहे। झुंझुनू में उसकी लगातार 12 से अधिक पेशियों पर वे गए, लेकिन संदीप के न आने से कामयाब नहीं हुए।
सुरक्षा के कारण नहीं लगा था दांव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 26 जुलाई और 16 अगस्त को नरेश सांखला हत्याकांड में पेशी पर संदीप के आने की संभावना के चलते सुनील के साथ अनूप, अनिल उर्फ छोटिया आए थे। उस समय सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे। उस दौरान वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। 19 सितंबर को नागौर में तारीख के दौरान मौका मिलते ही संदीप बिश्नोई पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी।
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दीप्ति गैंग की ओर से किया गया कथित पोस्ट
- फोटो : Social Media
बदला लेने के लिए दिया वारदात को अंजाम
नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि गैंगस्टर संदीप बिश्नोई ने मंगाली गांव में दोहरा हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। उसके बाद से गांव के ही अनिल और सीसवाला के दीप्ति के साथ दुश्मनी हो गई थी। 2015 में संदीप बिश्नोई ने दीप्ति गैंग के झीड़ी निवासी संदीप की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उसके बाद से दोनों एक दूसरे के साथियों की जान के दुश्मन बने हुए थे। पुलिस की 10 टीमों ने 900 सीसीटीवी कैमरे देखने के बाद तीन आरोपियों को पकड़ा है।