हरियाणा के हिसार जिले में दो नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार को पहली बड़ी कार्रवाई की है। आंबेडकर बस्ती में पुलिस ने दो नशा तस्करों के अवैध मकानों पर जेसीबी चलाकर जमींदोज कर दिया है। आरोपी महिला नशा तस्कर कविता उर्फ काली और कुलदीप ने अपने मकान स्वास्थ्य विभाग की करीब 80 कनाल जमीन पर कब्जा कर बनाए थे।
मकान तोड़ने की कार्रवाई के दौरान परिजनों और बस्ती के लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस ने व्यवस्था संभाले रखी। इस मौके पर डीएसपी कप्तान सिंह, अभिमन्यु, नारायणचंद और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार एचके गुप्ता मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन दो मकानों को गिराया गया है, उनके मालिकों व परिजनों पर नशा तस्करी के 16 और झगड़े व लूट के अन्य चार केस दर्ज हैं। आईजी राकेश कुमार आर्य के निर्देश पर गुरुवार सुबह डीएसपी कप्तान सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल आंबेडकर बस्ती में डेरा डाल दिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक भी साथ रहे।
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कार्रवाई का विरोध करते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभाग की करीब 80 मरला कब्जाई जमीन का अवलोकन कराया। सुबह करीब दस बजे जेसीबी की मदद से नशा तस्करी करने वाले कुलदीप के मकान को पीछे की तरफ से तोड़ना शुरू किया गया। कुलदीप के मकान का आधा हिस्सा तोड़ने के बाद टीम नशा तस्करी के आरोप में जेल में बंद महिला नशा तस्कर कविता उर्फ काली के मकान के पीछे पहुंची और मकान को ध्वस्त किया।
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आंबेडकर बस्ती में मकान गिराने की कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस बल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान लोगों ने विरोध जताया तो पुलिस ने पूरी बस्ती को घेर लिया। दोनों मकानों को गिराने की कार्रवाई पूरी की। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन पहले आरोपियों के घरों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया था। इसके चलते मकान से परिवार वालों ने अपना सामान पहले ही निकाल लिया था।
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आंबेडकर बस्ती में नशा तस्करी की आरोपी कविता की मां विलाप करते।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्ष 1995 से किया था जमीन पर कब्जा
पीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने बताया कि वर्ष 1995 से आंबेडकर बस्ती वालों ने स्वास्थ्य विभाग की करीब 80 कनाल पर कब्जा किया हुआ है। वर्ष 2000 में तत्कालीन एसडीएम ने बस्ती वालों को नोटिस देकर मकान खाली करने को कहा था। इसके बाद से नोटिस देना जारी रहा। 19 सितंबर को एसपी कार्यालय से सीएमओ कार्यालय में एक पत्र आया था। सीएमओ कार्यालय से मेरे पास पत्र आया। इसमें लिखा था कि स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने वाली कविता और कुलदीप गैरकानूनी काम करते हैं। दो दिन पहले दोनों घरों के बाहर 24 घंटों में मकान खाली करने का नोटिस चस्पा किया था। मकान गिराने के लिए डीसी को पत्र लिख कर पुलिस फोर्स मांगी गई थी।
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हिसार में दो नशा तस्करों के खिलाफ की कार्रवाई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकान खाली करने के लिए देना चाहिए समय
वहीं, आंबेडकर बस्ती के प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि मकान खाली कराने से पहले समय देना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मकान खाली करने के लिए 24 घंटे का नोटिस दिया गया। इतने कम समय में परिवार व बच्चों को लेकर कहां जाया जाएगा। बस्ती वालों का कहना है कि पुलिस को सब पता है कि कौन-कौन नशा तस्करी करता है, सब पर कार्रवाई क्यों नहीं करते। कविता की मां भानी का कहना है कि बेटी जेल में है, घर का सारा सामान बाहर निकाल दिया। अब बच्चों को लेकर कहां जाऊं।