हरियाणा के भिवानी के ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत कीटनाशक से हुई थी। सोमवार देर शाम को सुनारिया लैब से विसरा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक से हुई। मनीषा के शरीर में कीटनाशक के अंश मिले हैं। इससे पहले सोमवार दिन में पुलिस ने मनीषा का शव मिलने के पांच दिन बाद उसका सुसाइड नोट मिलने का दावा किया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि मौत से पहले मनीषा ने 11 अगस्त को एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था जिसकी पुष्टि हो चुकी है। इधर, धरना कमेटी ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
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मनीषा हत्याकांड में प्रदर्शन
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विसरा रिपोर्ट से ये चौंकाने वाली बात आई सामने
चिकित्सकों से हुई बातचीत और रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने बताया कि चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इसमें पहला मनीषा की विसरा रिपोर्ट में कीटनाशक के अंश मिले हैं। दूसरा उसके शरीर पर कोई सीमन नहीं मिला है जिससे दुष्कर्म की बात सामने नहीं आई। तीसरा मनीषा के चेहरे पर तेजाब या कोई केमिकल नहीं मिला है। एसपी ने यह भी कहा कि मनीषा की मौत के बाद ही उसके शरीर के अंग गायब हुए। उन्हें जंगली जानवरों ने खाया हैं। मनीषा के शव के पास मिले सुसाइड नोट की लिखावट का उसकी हैंडराइटिंग से मिलान हो गया है।
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मनीषा हत्याकांड में प्रदर्शन
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जनाक्रोश देख पुलिस अभी कर रही विस्तृत जांच
भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार का कहना है कि मनीषा की मौत मामले में पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस ने लैब से मिली विसरा जांच रिपोर्ट परिजनों को भी दी है। इस पर परिजनों ने कुछ सवाल उठाए हैं। इस मामले में परिजनों को पूरी तरह संतुष्ट किया जाएगा। पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है। पुलिस हर पहलु से जांचकर तह तक जाने में लगी है।
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मनीषा हत्याकांड
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पुलिस ने 10 सैंपल एफएसएल लैब में भेजे थे
मनीषा की मौत मामले में भिवानी पुलिस दो बार शव का पोस्टमार्टम करा चुकी है। पहला पोस्टमार्टम 13 अगस्त को भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड ने किया था। 15 अगस्त को दूसरा पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड ने किया था। पुलिस ने 10 सैंपल एफएसएल जांच के लिए लैब भेजे थे।
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मनीषा हत्याकांड में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं कमेटी
मनीषा की मौत मामले में धरना गठित कमेटी के सदस्य व भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि मनीषा की एफएसएल रिपोर्ट की जांच के लिए पीजीआई में चिकित्सकों का पैनल बनाया गया था। अभी लैब से एक जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अब 25 सदस्यीय कमेटी की बैठक होगी। प्रशासन या पुलिस से मनीषा की एफएसएल जांच को लेकर कोई बात नहीं हुई है। अभी पुलिस को कई सवालों का जवाब देना है। परिजनों और कमेटी की मांग है कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। मनीषा के शव के दाह संस्कार पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।