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रबी सीजन में जिले में 6.82 लाख एकड़ में बिजाई का अनुमान : सिहाग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:52 AM IST
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Sowing estimated over 6.82 lakh acres in the district during the Rabi season: Sihag
भिवानी। रबी सीजन में भिवानी जिले में करीब 6.82 लाख एकड़ में बिजाई होने का अनुमान है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों से सरसों की बिजाई में डीएपी पर निर्भरता घटाकर वैकल्पिक उर्वरकों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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विभाग के उप निदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि जिले में करीब 3 लाख 30 हजार एकड़ में सरसों और 2 लाख 75 हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई प्रस्तावित है। एक अप्रैल से अब तक जिले में 55,734 मीट्रिक टन यूरिया और 22,328 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। एक अक्तूबर को जिले में 18,613.35 मीट्रिक टन यूरिया और 3,574.50 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध था। रबी सीजन के लिए किसान अब तक 6,066.93 मीट्रिक टन यूरिया और 6,405.20 मीट्रिक टन डीएपी खरीद चुके हैं।
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डॉ. सिहाग ने बताया कि जरूरत के अनुसार समय-समय पर खाद की रैक पहुंच रही हैं। जिले में इसके अतिरिक्त 2,104 मीट्रिक टन एनपीके, 2,766 मीट्रिक टन एसएसपी और 584 मीट्रिक टन एमओपी खाद भी उपलब्ध है। खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के निर्देशानुसार 60 प्रतिशत खाद हैफेड, सहकारी समितियों आदि के माध्यम से और 40 प्रतिशत निजी डीलरों के जरिए वितरित की जा रही है।
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सरसों की बिजाई के लिए डीएपी के विकल्प
कृषि विभाग के अनुसार सरसों की बिजाई में प्रति एकड़ 150 किलोग्राम एसएसपी के साथ 35 से 40 किलोग्राम यूरिया, 50 किलोग्राम एनपीके 12:32:16, 50 किलोग्राम टीएसपी के साथ 20 से 25 किलोग्राम यूरिया अथवा नैनो डीएपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने और एसएसपी, विभिन्न ग्रेड के एनपीके, नैनो डीएपी व नैनो यूरिया जैसे विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है। विभाग इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है। संतुलित पोषण प्रबंधन से उत्पादन लागत कम करने और भूमि की उर्वरता व उत्पादकता लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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