भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा यस बैंक के खाताधारकों की रकम निकासी की सीमा 50 हजार रुपये प्रतिमाह तय करने के बाद खाताधारक अपनी जमा पूंजी के लिए भटकने लगे हैं। नेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड के इस्तेमाल पर भी बैंक प्रबंधन द्वारा रोक लगाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई हैं।
यस बैंक: अपनी ही जमा पूंजी के लिए भटकने लगे लोग, बैंक में मची अफरा-तफरी
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निजी क्षेत्र के यस बैंक के निदेशक मंडल के भंग होने के बाद बैंक के संचालन पर सवाल उठने लगा था। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच मार्च से तीन अप्रैल तक बैंक से निकासी की सीमा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति माह तय कर दी। इसके बाद से खाताधारकों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है।
शुक्रवार सुबह जब खाताधारक बैंक पहुंचे और पैसे निकालने लगे तो उन्हें मायूसी हाथ लगी। इस दौरान कुछ खाताधारकों की बैंक के कर्मचारियों और प्रबंधक से नोकझोंक भी हुई। बैंक के मैनेजर आशुतोष प्रताप सिसोदिया ने रिजर्व बैंक के निर्णय के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद भी वहां नोकझोंक होती रही। पूरे दिन बैंक में अफरातफरी का माहौल रहा। हालांकि आशुतोष ने किसी भी तरह का बयान देने से मना कर दिया, लेकिन बताया कि अभी न तो पैसा जमा हो रहा है और न ही कोई चेक क्लियर हो रहा है।
शहर में हैं दो शाखाएं
मेडिकल कॉलेज रोड शाखा - 300 खाताधारक
पार्क रोड शाखा - 2200 खाताधारक
नेट बैंकिंग पर दी जा रही है जानकारी
रिजर्व बैंक द्वारा खाते से निकासी की सीमा तय करने के बाद येस बैंक के नेट बैंकिंग पर गलत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को ‘इंटरनेट कनेक्शन पुअर’ होने का मैसेज स्क्रीन पर आ रहा है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि येस बैंक की नेट बैंकिंग ने काम करना बंद कर दिया है।
पीओएस ने काम करना किया बंद
व्यापारी आनंद रुंगटा ने कहा कि यस बैंक के खातों से पैसों की निकासी की रकम तय करने की वजह से दुकानदारों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकांश व्यापारियों ने यस बैंक की पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन ली है। बृहस्पतिवार से इस मशीन ने काम करना बंद कर दिया। दूसरे बैंक से पीओएस के लिए डिमांड की है, लेकिन वह 10 दिन बाद मिलेगी। ऐसे में व्यापारियों को परेशानी हो रही है।