{"_id":"6a8e079ae38c6770f3073677","slug":"the-auspicious-time-for-raksha-bandhan-will-begin-after-sunrise-at-541-am-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1429520-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षाबंधन 28 को, सुबह 9:18 तक पूर्णिमा में राखी बांधना अति उत्तम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षाबंधन 28 को, सुबह 9:18 तक पूर्णिमा में राखी बांधना अति उत्तम
Wed, 26 Aug 2026 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
- सुबह 5:41 बजे सूर्योदय के बाद से शुरू होगा रक्षाबंधन का शुभ समय
- सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा तिथि के साथ सौम्य औदायिक योग का संयोग
- पूर्णिमा तिथि समाप्त होने के बाद भी पूरे दिन राखी बांधने की रहेगी मान्यता, नहीं है भद्रा
गोरखपुर। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 8:31 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:18 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के चलते रक्षाबंधन 28 अगस्त को पूरे दिन मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा भी नहीं रहेगी। हालांकि पूर्णिमा तिथि के अंदर सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा में राखी बांधना अति उत्तम होगा।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 28 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5:41 बजे होगा। सूर्योदय के बाद से सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। पूर्णिमा तिथि के साथ शतभिषा नक्षत्र और सौम्य नामक औदायिक योग का संयोग रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन कई अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं। पूर्णिमा तिथि सुबह 9:18 बजे समाप्त होने के बाद भी रक्षाबंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जा सकता है। बहनें अपनी सुविधा के अनुसार दिन में किसी भी समय भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखनाथ मंदिर के वेद विभागाध्यक्ष डॉ रंगनाथ त्रिपाठी के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन स्नान, दान, पितृतर्पण और ऋषिपूजन का भी विधान बताया गया है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, रक्षा सूत्र का पूजन करने के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। रक्षा सूत्र रेशम का हो तो उत्तम माना जाता है। सूती वस्त्र या धागे का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसे पीले या केसरिया रंग का रखना शुभ माना गया है। इस बार रक्षाबंधन भद्रा से मुक्त रहेगा। इसलिए भद्रा के कारण राखी बांधने को लेकर कोई बाधा नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा तिथि के साथ सौम्य औदायिक योग का संयोग
- पूर्णिमा तिथि समाप्त होने के बाद भी पूरे दिन राखी बांधने की रहेगी मान्यता, नहीं है भद्रा
गोरखपुर। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 8:31 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:18 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के चलते रक्षाबंधन 28 अगस्त को पूरे दिन मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा भी नहीं रहेगी। हालांकि पूर्णिमा तिथि के अंदर सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा में राखी बांधना अति उत्तम होगा।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 28 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5:41 बजे होगा। सूर्योदय के बाद से सुबह 9:18 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। पूर्णिमा तिथि के साथ शतभिषा नक्षत्र और सौम्य नामक औदायिक योग का संयोग रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन कई अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं। पूर्णिमा तिथि सुबह 9:18 बजे समाप्त होने के बाद भी रक्षाबंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जा सकता है। बहनें अपनी सुविधा के अनुसार दिन में किसी भी समय भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
विज्ञापन
गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखनाथ मंदिर के वेद विभागाध्यक्ष डॉ रंगनाथ त्रिपाठी के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन स्नान, दान, पितृतर्पण और ऋषिपूजन का भी विधान बताया गया है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, रक्षा सूत्र का पूजन करने के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। रक्षा सूत्र रेशम का हो तो उत्तम माना जाता है। सूती वस्त्र या धागे का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसे पीले या केसरिया रंग का रखना शुभ माना गया है। इस बार रक्षाबंधन भद्रा से मुक्त रहेगा। इसलिए भद्रा के कारण राखी बांधने को लेकर कोई बाधा नहीं होगी।
विज्ञापन