तस्वीरें: पर्यटन का नया ठिकाना है अपना गोरखपुर, जानिए कहां घुमाने लेकर जा सकते हैं अपने अतिथि को
26 सितंबर की दोपहर 2 बजे तक भेजें इंट्री, पुरस्कार पाएं
हमें बताएं, अगर आपका कोई अतिथि गोरखपुर आए तो पर्यटन के लिहाज से आप उसे कहां और क्यों ले जाना पसंद करेंगे ? संक्षेप में रोचक ढंग से लिखें। अपनी संक्षिप्त जानकारी (नाम, पता, फोन नंबर) के साथ लिखकर 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक मोबाइल नंबर 7617566160 व 9451457633 पर व्हाट्सएप कर दें। यदि आप कोरोना से पहले किसी बाहरी टूरिस्ट प्लेस पर गए हैं तो उसकी ग्रुप फोटो रोचक स्मृतियों के साथ भी भेज सकते हैं। सर्वश्रेष्ठ 10 इंट्री को 27 सितंबर (पर्यटन दिवस) को प्रकाशित किया जाएगा। उन्हें आकर्षक उपहार से पुरस्कृत भी किया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से गोरखनाथ मंदिर पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यूपी, बिहार, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के लोग गोरखनाथ मंदिर आते हैं। नेपाल में भी गुरु गोरखनाथ पूजे जाते हैं। नेपाल के राजा की खिचड़ी अब भी चढ़ती है। मकर संक्रांति पर पांच-छह लाख श्रद्धालु पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि ज्वालादेवी के स्थान से परिभ्रमण करते हुए 'गुरु गोरखनाथ' ने आकर भगवती राप्ती के तटवर्ती क्षेत्र में तपस्या की थी और उसी स्थान पर अपनी दिव्य समाधि लगाई थी। वहीं गोरखनाथ मंदिर बना है। इसकी भव्यता दूर से दिखती है। भीम सरोवर के साथ लाइट एंड साउंड शो आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
रामगढ़ताल
शहर के दक्षिण-पूर्वी छोर पर 1700 एकड़ क्षेत्र में फैला रामगढ़ताल प्रकृति की अनुपम भेंट है। ईसा पूर्व छठी शताब्दी में गोरखपुर का नाम रामग्राम था। यहां कोलीय गणराज्य स्थापित था। उन दिनों राप्ती नदी आज के रामगढ़ताल से ही होकर गुजरती थी। बाद में राप्ती नदी की दिशा बदली तो उसके अवशेष से रामगढ़ताल अस्तित्व में आ गया। रामगढ़ ताल पूर्वांचल का मरीन ड्राइव बन चुका है। इसकी छटा देखने के लिए दूर-दूराज से पर्यटक आते हैं। लाइट एंड साउंड शो के साथ शाम ढलते ही ताल का नजारा अद्भुत होता है। नौकायन व वाटर स्पोर्ट्स ने इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिया है।
गोरखपुर पुरातात्विक संग्रहालय (म्यूजियम)
1957 में स्थापित, यह पुरातात्विक संग्रहालय इतिहास, संस्कृति, परंपराओं के महत्वों को चित्रित करता है। यह सबसे प्रसिद्ध स्थानीय संग्रहालय है। इसकी देखरेख गोरखपुर विश्वविद्यालय का भारतीय इतिहास विभाग, पुरातत्व और संस्कृति करता है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित संग्रहालय में तमाम कलाकृतियों संरक्षित हैं। प्राचीन सिक्के, मूर्तियां, पेंटिंग, पत्थर के उपकरण, पुराने आभूषण और डाक टिकट भी रखे गए हैं। ऐतिहासिक विरासत को संजोने वाला संग्रहालय पर्यटन के प्रमुख स्थलों में शुमार है।