अनलॉक-1 में कुदरत ने शहर के लोगों को जेठ (जून) में सुहाने मौसम का ऐसा तोहफा दिया है, जिसकी पिछले कई सालों में कोई बानगी नहीं है। जिस जेठ के महीने में यहां आदमी पसीना पोंछते-पोंछते बेहाल रहता था, उसी महीने में शुक्रवार को गोरखपुर का तापमान श्रीनगर और देहरादून से भी कम रहा। घरों में न केवल पंखे बंद करने पड़े, बल्कि ठंड से होने वाली सिहरन से बचने के लिए चादर का भी सहारा लेना पड़ा।
गोरखपुर में श्रीनगर जैसा हुआ सुहाना मौसम, तस्वीरों में देखें शहर का अद्भुत नजारा
दरअसल, बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार पूरे दिन बारिश होती रही, जिसकी वजह से दिन के तापमान में जबरदस्त गिरावट आयी। दिन का तापमान इतना लुढ़का कि पिछले 38 साल का रिकार्ड टूट गया। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान की वजह से बृहस्पतिवार रात से ही गोरखपुर एवं आसपास का मौसम फिर से बदल गया।
आधी रात के बाद से कभी बूंदाबादी तो कभी तेज बारिश हुई जो रूक रूककर सुबह तक होती रही। फिर सुबह नौ बजे के बाद पूरे दिन बारिश होती रही। 24 घंटे के दौरान करीब 30 मिलीमीटर बारिश हो गई। लगातार हो रही बारिश की वजह से दिन का अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.5 डिग्री हो गया। जबकि, बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री था।
गोरखपुर इनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने कहा कि जून के महीने में औसत अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस होता है, लेकिन इस साल पांच जून को दिन का अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री दर्ज किया गया।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले 38 साल के दौरान दिन में इतना कम तापमान कभी नहीं हुआ है। इससे पहले पांच जून 1982 को दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया था। तापमान गिरने की मुख्य वजह यह है कि 3-4 दिनों से लगातार पुरवा हवा चल रही है और बादलों के छाए रहने के साथ ही हल्की बारिश हो रही है।
सामान्य से करीब 12 डिग्री कम रहा शुक्रवार का तापमान
शुक्रवार को दिन का तापमान 25.5 डिग्री रहा। जबकि, जून में गोरखपुर का सामान्य तापमान 37 डिग्री के आसपास रहता है। ऐसे में सामान्य से करीब 12 डिग्री कम तापमान होने की वजह से पूरे दिन पंखा चलाने की भी आवश्यकता नहीं महसूस हुई। सामान्य से कम तापमान के लिहाज से देखा जाए तो गोरखपुर का तापमान शिमला और मनाली से भी कम रहा। शिमला और मनाली में सामान्य से मात्र पांच डिग्री तापमान कम रहा।