त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखों के एलान के साथ अब प्रचार-प्रसार में भी तेजी आई है। खास बात यह है कि इस बार क्षेत्र में प्रचार को जितनी अहमियत दी जा रही है, उससे कहीं अधिक लोग सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इसमें फेसबुक, व्हाट्सएप के साथ अन्य वेबसाइट भी हैं जिनपर प्रत्याशी 'गुड नाइट' और 'सुप्रभात' का संदेश जनता को भेज रहे हैं। चुनाव में दावेदार से लेकर उनके समर्थक तक अपने पक्ष में मतदाताओं को लुभाने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। फेसबुक पर लाइव वीडियो में दावेदार खुद की उपलब्धियां बता रहे हैं। वे चुनाव में जीत जाने पर जनहित में कौन से काम करेंगे, इसका भी दावा कर रहे हैं।
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यूपी पंचायत चुनाव: सोशल मीडिया पर 'गुड नाइट' और 'सुप्रभात' कर रहे हैं नेताजी, एक-एक मत को सहेजने में जुटे प्रत्याशी
Fri, 09 Apr 2021 01:45 PM IST
vivek shukla
रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 09 Apr 2021 01:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : पेक्सेल्स
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इन माध्यमों से जुड़े दावेदार तथा उनके समर्थक उनकी चुनाव की पोस्ट को एक-दूसरे को खूब शेयर करने में लगे हुए हैं। पोस्ट के माध्यम से दावेदार तथा उनके समर्थक विकास की बातों के साथ अपने वादों का भी उल्लेख कर रहे हैं। हालांकि इनमें क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और प्रधान पद के दावेदार अधिक हैं। युवा आयुष सिंह ने अपने गांव के एक प्रधान प्रत्याशी पद के दावेदार के पक्ष में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला था। इसे फेसबुक लाइव के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हजारों लोगों ने देखा। ऐसे ही अभिषेक जायसवाल ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के चुनाव में निर्विरोध विजय होने की जानकारी साझा की। दीपक गुप्ता ने अपने समर्थक के पक्ष में मतदान करने और जीत दिलाने की अपील के साथ फोटो साझा की। फेसबुक पेज खोलने पर ऐसे ही हजारों पोस्ट देखने को मिल जाएगी।
पंचायत चुनाव।
- फोटो : amar ujala
ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक के दावेदार सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रत्याशी गांव-क्षेत्र को विकसित कराने के दावे भी मोबाइल से कर रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप और वाक युद्ध भी जारी है। खुद को अव्वल बताने में कोई भी कोर-कसर छोड़ने को तैयार नहीं। इस आभासी नूरा-कुश्ती से गांव की सियासत भी खूब दिलचस्प हो गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
ढूंढ रहे नए दोस्तों को
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए दावेदार नए दोस्तों को भी खूब ढूंढ रहे हैं। फेसबुक पर पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने वालों की फ्रेंड रिक्वेस्ट खूब आने लगी है, ताकि इसके जरिए अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों तक वे पहुंचा सके। प्रधानी वाले गांव में कई टोले होते हैं। घर से बाहर जाकर पढ़ाई करने और नौकरी वाले लोगों को फेसबुक पर दोस्ती भेजकर लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। दोस्ती होने के बाद उनसे फेसबुक लाइव के माध्यम से या मैसेंजर पर नंबर साझा कर उनसे, उनके प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए दावेदार नए दोस्तों को भी खूब ढूंढ रहे हैं। फेसबुक पर पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने वालों की फ्रेंड रिक्वेस्ट खूब आने लगी है, ताकि इसके जरिए अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों तक वे पहुंचा सके। प्रधानी वाले गांव में कई टोले होते हैं। घर से बाहर जाकर पढ़ाई करने और नौकरी वाले लोगों को फेसबुक पर दोस्ती भेजकर लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। दोस्ती होने के बाद उनसे फेसबुक लाइव के माध्यम से या मैसेंजर पर नंबर साझा कर उनसे, उनके प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर भेज रहे संदेश
व्हाट्सएप पर बने ग्रुप में पंचायत चुनाव के दावेदार अपने पोस्टरों को खूब शेयर कर रहे हैं। एक ही ग्रुप में कई चुनावी दावेदार जुड़े हुए हैं। सभी अपने-अपने पक्ष की बातें लिखकर खुद को बेहतर प्रत्याशी साबित करने में जुटे हैं। ग्रुप के माध्यम से उसके सदस्यों को अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।
व्हाट्सएप पर बने ग्रुप में पंचायत चुनाव के दावेदार अपने पोस्टरों को खूब शेयर कर रहे हैं। एक ही ग्रुप में कई चुनावी दावेदार जुड़े हुए हैं। सभी अपने-अपने पक्ष की बातें लिखकर खुद को बेहतर प्रत्याशी साबित करने में जुटे हैं। ग्रुप के माध्यम से उसके सदस्यों को अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।