गोरखपुर जिले के भरोहिया ब्लॉक के नैनसर ग्राम पंचायत से जैसे ही शशिकला ने 32 वोट से जीत दर्ज की, मतगणना स्थल के बाहर उनके बेटों निखिल त्रिपाठी और विष्णु त्रिपाठी को फूल-मालाओं से समर्थकों ने लाद दिया गया। घूंघट काढ़े शशिकला घर से सर्टिफिकेट लेने आईं और उल्टे पैर तत्काल लौट गईं। जबकि मतगणना स्थल से लेकर गांव तक उनके बेटों को बधाई देने का सिलसिला जारी रहा।
UP Panchayat Election Result 2021: जीत ‘घूंघट’ की, जश्न ‘मूंछों’ ने मनाया, देखें तस्वीरें
खोराबार ब्लॉक के गौरी मंगलपुर गांव से चौथी बार प्रधान चुनी गईं रमावती देवी हाथ में जीत का सर्टिफिकेट लिए एक किनारे खड़ी मंद-मंद मुस्कुरा रहीं थी और उनके पति प्रसिद्ध नारायण यादव का मुंह लड्डू तो गला, फूल मालाओं से भर दिया गया। यह तो बानगी है। जिले की 1294 ग्राम पंचायतों में से 438 महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं। इनमें एससी महिला के लिए 103, ओबीसी महिला के लिए 124 और महिला के लिए 211 आरक्षित सीट शामिल है।
ज्यादातर पंचायतों में नतीजे आने के बाद एक जैसा दृश्य था। जीत महिलाओं ने दर्ज की थी और जश्न कहीं पति, कहीं बेटा तो कहीं भतीजा मना रहा था। उन्हें ही बधाई दी जा रही थी। कई जगह तो जब जीत की घोषणा हुई तो महिला प्रत्याशी रोज की तरह रविवार को भी चूल्हा-चौका में मशगूल थीं तो कोई अपने छोटे बच्चे को नहलाने-खिलाने में व्यस्त मिलीं। बुलावे पर आनन-फानन ब्लॉक पर पहुंची और जीत का सर्टिफिकेट लेकर फिर लंबा सा घूंघट काढ़े घर लौट आईं।
कौड़ीराम ब्लॉक के पकड़ी दूबे गांव के नतीजे घोषित हुए तो विजयी प्रत्याशी रूबी राय को घर वालों ने संदेश भेजकर चार पहिया वाहन से मतगणना स्थल बुलाया। वे सर्टिफिकेट लेती रहीं और बाहर उनके पति शारदा कुमार राय को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सोहगौरा गांव से जयंती देवी को जीत मिली तो उनके पति राम कृपाल यादव को उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं से लाद दिया और जयंती एक किनारे खड़ी घूंघट से मुस्कुराती रहीं।
इसी ब्लॉक के कौड़ीराम पंचायत से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाली सुनीता देवी हाथ में सर्टिफिकेट लिए अकेले खड़ी रहीं और उनके पति उमेश पासवान को लोग फूल मालाओं व मिठाई के डिब्बों के साथ घेरे रहे। गोला ब्लॉक के ककरही गांव की सीमा शुक्ला जब हाथ में सर्टिफिकेट लिए अपने बेटे मोनू शुक्ला के साथ मतगणना स्थल से बाहर निकलीं तो वे कब एक किनारे छूट गईं, उन्हें खुद नहीं पता। समर्थकों ने उनके बेटे को घेरकर माला पहनाना शुरू कर दिया। बीच में कोई मिठाई लेकर सीमा की तरफ बढ़ता तो वे मुस्कुरा कर हाथ जोड़ अभिवादन कर देतीं।