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UP Election 2022: ब्राह्मणों को साधने की जुगत में अखिलेश यादव, हरिशंकर तिवारी के जरिए बसपा को दिया तगड़ा झटका

Sun, 12 Dec 2021 11:31 AM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 12 Dec 2021 11:31 AM IST
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UP Election 2022: Akhilesh Yadav trying to cultivate Brahmins through family of Harishankar Tiwari
अखिलेश यादव पूर्वांचल में हरिशंकर तिवारी के परिवार से ब्राह्मणों को साधने की जुगत में हैं। - फोटो : अमर उजाला।
कभी पूर्वांचल की सियासत में ब्राह्मणों के नेता बनकर उभरे बाहुबली हरिशंकर तिवारी के दोनों बेटों और भांजे को पार्टी में शामिल कराकर सपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। एक तरफ बसपा को तगड़ा झटका दिया है तो दूसरी ओर भाजपा के लिए भी कुछ मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अखिलेश यादव पूर्वांचल में हरिशंकर तिवारी के परिवार से ब्राह्मणों को साधने की जुगत में हैं।


पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिशंकर तिवारी की पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज में अच्छी पैठ मानी जाती है। पूर्वांचल में उन्हें कभी ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जाता था। यही वजह है कि सरकारें किसी भी दल की बनती थीं, हरिशंकर तिवारी का मंत्री बनना तय होता था। वर्ष 2007 में राजेश त्रिपाठी से चुनाव हारने के बाद हरिशंकर तिवारी ने राजनीति से संन्यास ले लिया। अब उनकी विरासत को छोटे बेटे विनय शंकर तिवारी ने संभाल रखा है।
UP Election 2022: Akhilesh Yadav trying to cultivate Brahmins through family of Harishankar Tiwari
विनय शंकर तिवारी। फाइल फोटो - फोटो : fb @vinay shankar tiwari
वर्ष 2017 में जब भाजपा की प्रचंड लहर थी, उस समय हाता परिवार ने अपना दमखम दिखाया और चिल्लूपार विधानसभा सीट से विनय शंकर चुनाव जीत गए।
UP Election 2022: Akhilesh Yadav trying to cultivate Brahmins through family of Harishankar Tiwari
भीष्म शंकर, गणेश शंकर और विनय शंकर। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं, हरिशंकर तिवारी के बड़े बेटे भीष्म शंकर तिवारी उर्फ कुशल तिवारी संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं। जबकि, गणेश शंकर पांडेय गोरखपुर-महराजगंज से स्थानीय निकाय का चुनाव चार बार जीत चुके हैं। बसपा की सरकार में वे विधान परिषद के सभापति बनाए गए थे। तीनों नेता अभी तक बसपा में थे, लेकिन इनके सपा में जाने की चर्चा के बाद बसपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
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UP Election 2022: Akhilesh Yadav trying to cultivate Brahmins through family of Harishankar Tiwari
पंडित हरिशंकर तिवारी। (फाइल फोटो) - फोटो : Fb @hari shankar tiwari

रैलियों में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर लाने की तैयारी

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हरिशंकर तिवारी के परिवार को यूं ही सपा में शामिल होने पर सहमति नहीं जताई है। इसके पीछे तिवारी परिवार के प्रभाव को भी देखा है। सपा इसी का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है। पूर्वांचल की रैलियों में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर विनय शंकर तिवारी और गणेश शंकर पांडेय को मंच पर लाने की तैयारी है। सपा नेतृत्व, गोरखपुर और बस्ती मंडल की 41 सीटों पर इनकी सभाएं करा सकता है।
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UP Election 2022: Akhilesh Yadav trying to cultivate Brahmins through family of Harishankar Tiwari
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

14 साल बाद फिर सपा का साथ

करीब 14 साल बाद एक बार फिर हाता परिवार साइकिल की सवारी करने जा रहा है। वर्ष 2007 में जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे, तब हरिशंकर तिवारी लोकतांत्रिक कांग्रेस के अध्यक्ष थे। सहयोगी दल के रूप में सरकार में शामिल हुए और कैबिनेट मंत्री बने थे। गणेश शंकर पांडेय ने सपा की सदस्यता ली थी और स्थानीय निकाय का चुनाव सपा से लड़कर जीते थे। अब गणेश शंकर पांडेय और हरिशंकर तिवारी के दोनों बेटे विनय शंकर और भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी रविवार को सपा में शामिल होने जा रहे हैं।
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