गोरखपुर के गीडा थाना इलाके के नौसड़ निवासी विजय सिंह के बेटे अभिषेक सिंह (18) की हत्या बेरहमी से की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कुल 35 गहरे जख्म मिले हैं। उसकी गर्दन को आगे से पीछे तक रेता गया था। गले, पीठ और पेट में कई वार किए गए थे। चाकू के वार इतने तेज थे कि सीने और गर्दन की हड्डियां तक कट गई थीं।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घर जाते वक्त नौसड़ के पास पासवान ढाला पर परिजन और ग्रामीणों ने गाड़ी रोक दी और हाईवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस की निगरानी में ही दाह संस्कार कराया गया।
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मृतक की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गीडा थाना क्षेत्र पेवनपुर गांव के सीवान में शनिवार सुबह सरसों के खेत में अभिषेक का खून से सना शव मिला था। उसके सीने में एक चाकू धंसा था। उसके शरीर पर चाकू के कई जगह जख्म दिखाई दे रहे थे। गीडा पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। सूचना पर पिता विजय सिंह गीडा थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभिषेक हाई स्कूल में पढ़ रहा था।
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अभिषेक हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके साथ ही वह वेटर का भी काम करता था। यह कहते हुए वह रोने लगे, उन्होंने खून से सनी बॉडी देखकर कहा कि हत्यारों ने बड़ी बेरहमी से मारकर हत्या की है।पूछताछ के बाद पुलिस ने दोपहर बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को एंबुलेंस में लादकर परिजन घर के लिए निकल लिए।
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मृतक अभिषेक की फाइल फोटो और घर के बाहर जुटी महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जैसे ही शव एंबुलेंस में लादकर घर ले जाया गया, नौसड़ के पास पासवान ढाला पर परिजन और ग्रामीणों ने गाड़ी रोक दी और हाईवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 20 मिनट तक सड़क जाम रही। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस की निगरानी में ही दाह संस्कार कराया गया।
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अभिषेक हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते छोड़ दी थी पढ़ाई
अभिषेक दो भाइयों में बड़े थे और तीन बहनें हैं जिनकी शादी नहीं हुई है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पढ़ाई के साथ-साथ शादी-विवाह में वेटर का काम भी करते थे। पिता विजय सिंह ने तहरीर देकर कुछ युवकों पर हत्या का शक जताया। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटनास्थल पर संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे लगता है कि अभिषेक ने अपने जीवन की रक्षा के लिए काफी देर तक हत्यारोपियों से लड़ाई की। इसी कारण शरीर के कई हिस्सों पर गहरे चाकू के जख्म हैं।