कोरोना की दूसरी वैक्सीन का ट्रायल राणा हॉस्पिटल ने मंगलवार को शुरू कर दिया है। पहले दिन जायडस कैडिला की वैक्सीन 25 वालंटियर को लगाई गई है। जल्द ही 75 वालंटियरों को और वैक्सीन लगाई जाएगी। जायडस कैडिला भारत की दूसरी फार्मा कंपनी है। इसके वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने दी है। पहली स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक की वैक्सीन का ट्रायल पहले ही पूरा हो चुका है। वालंटियरों की निगरानी की जा रही है।
गोरखपुर के इस अस्पताल में शुरू हुआ कोरोना की दूसरी वैक्सीन का ट्रायल, इन पर किया जा रहा परीक्षण
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जानकारी के मुताबिक जायडस कैडिला की वैक्सीन (जेडवाईसीओ- डी) का ट्रायल राणा हॉस्पिटल ने शुरू कर दिया है। पहले दिन 25 लोगों को पहला डोज दिया गया। बता दें कि 100 वालंटियरों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। अब तक 85 वालंटियर मिल चुके हैं जबकि 15 वालंटियरों की और जरूरत है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अगस्त (बुधवार) है।
सभी वालंटियरों को अधिकतम चार दिन में वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। दूसरी डोज 28वें दिन व तीसरी डोज 56वें दिन देनी है। हर सातवें दिन उनके सेहत की जांच की जाएगी। वहीं, भारत बायोटेक की वैक्सीन जिन वालंटियरों को 31 जुलाई को दी गई थी, उन्हें 14 अगस्त को दूसरा डोज दिया गया है। अब तक किसी वालंटियर को स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है। फोन पर उनकी निगरानी की जा रही है।
डॉक्टरों की निगरानी में रहे चार घंटे वालंटियर
जिन वालंटियरों को पहली डोज दी गई। उन्हें चार घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अब तक किसी वालंटियर को स्वास्थ्य की समस्या नहीं हुई है। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। सभी वालंटियरों को एक डायरी दी गई है जिसपर प्रतिदिन उन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में लिखना है।
राणा हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. सोना घोष ने कहा कि विशेषज्ञों व रिसर्च टीम की देखरेख में ट्रायल चल रहा है। वैक्सीन लगाने के बाद चार घंटे वालंटियर डॉक्टरों की निगरानी में रहे हैं। किसी के स्वास्थ्य से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। यह वैक्सीन के लिए अच्छा संकेत है।