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विरासत गलियारा: 80 के दशक की बनी चहारदीवारी टूटी, ढाई फीट छोटा हो गया 'तिवारी हाता'

Thu, 17 Apr 2025 03:34 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Thu, 17 Apr 2025 03:34 PM IST
सार

जानकारों का कहना है कि पूर्व मंत्री ने 1980 के करीब सुरक्षा के लिहाज से तिवारी हाता के चारों तरफ 20 फीट की ऊंची चहारदीवारी बनवाई थी। विरासत गलियारे के सीमांकन के दौरान जद में आने पर करीब 45 साल बाद तिवारी हाता के मुख्य गेट से लगायत करीब डेढ़ सौ मीटर आगे हनुमान मंदिर तक चहारदीवारी तोड़ी जा रही है।

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The boundary of Tiwari Haata in Gorakhpur was built in the 80s, it has been broken
तिवारी हाते ही बाउंड्री तोड़ते मजदूर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

अस्सी के दशक में बनी तिवारी हाता की चहारदीवारी टूटने की चर्चा दिनभर शहर में होती रही। जानकारी होने पर बुधवार को पूर्व मंत्री स्व. पंडित हरिशंकर तिवारी के शुभचिंतकों का हाता पर आना-जाना लगा रहा। वहीं सड़क से गुजरने वाला हर शख्स की नजर हाता को निहारती रही। विरासत गलियारे की जद में आने की वजह से तिवारी हाता करीब ढाई फीट छोटा हो गया है।

The boundary of Tiwari Haata in Gorakhpur was built in the 80s, it has been broken
तिवारी हाता की बाउंड्री तोड़ते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारों का कहना है कि पूर्व मंत्री ने 1980 के करीब सुरक्षा के लिहाज से तिवारी हाता के चारों तरफ 20 फीट की ऊंची चहारदीवारी बनवाई थी। विरासत गलियारे के सीमांकन के दौरान जद में आने पर करीब 45 साल बाद तिवारी हाता के मुख्य गेट से लगायत करीब डेढ़ सौ मीटर आगे हनुमान मंदिर तक चहारदीवारी तोड़ी जा रही है। इससे पहले ही अंदर एक 20 फीट ऊंची नई चहारदीवारी तैयार कर ली गई है।
The boundary of Tiwari Haata in Gorakhpur was built in the 80s, it has been broken
तिवारी हाते पर दिनभर लोग आते-जाते रहे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिनभर आते रहे शुभचिंतक
तिवारी हाता में दिनभर शुभचिंतक आते-जाते रहे। हाता में कुशल तिवारी के बेटे सभी लोगों से मिल रहे थे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं का भी आना-जाना लगा रहा। शुभचिंतकों के चेहरे बता रहे थे कि इस निर्णय से वे खुश नहीं हैं। वहीं तिवारी हाता की चहारदीवारी टूटते देख अगल-बगल के व्यापारियों ने भी विरासत गलियारे की जद में आया अपना हिस्सा तोड़ना शुरू कर दिया है।
 
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The boundary of Tiwari Haata in Gorakhpur was built in the 80s, it has been broken
तिवारी हाते की बाउंड्री तोड़ते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चहारदीवारी टूटने से बचाने का किया था प्रयास
जानकारों के मुताबिक, पूर्व मंत्री के परिवार ने हाता की चहारदीवारी को टूटने से बचाने के लिए काफी प्रयास किया। पीडब्ल्यूडी विभाग को हाता के आस-पास ही उतनी अलग जमीन देने की भी बात की थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
 
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तिवारी हाते की बाउंड्री तोड़ते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तोड़ने में मजदूरों का छूटा पसीना
चहारदीवारी के विरासत गलियारे की जद में आने के बाद पूर्व मंत्री के परिवार ने खुद से ही मजदूर लगवाकर उसे तुड़वाना शुरू किया। बुधवार दोपहर के समय एक कारीगर चहारदीवारी पर ताकत लगाकर हथौड़ा चला रहा था, लेकिन मशक्कत के बाद टूट रही थी। कारीगर ने कहा कि इतनी मजबूत दीवार है, इस समय ऐसा बन पाना मुश्किल है।
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